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शिवपुरी मेडिकल कॉलेज को परमिशन मिली, इसी सत्र में 100 सीटों पर होंगे प्रवेश | Shivpuri News


शिवपुरी। आजादी के बाद से जिला शिवपुरी अपने स्वास्थ्य के लिए ग्वालियर और उत्तर प्रदेश के झांसी के चिकित्सकों पर निर्भर रहा है, लेकिन अब सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के अथक प्रयासों से मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के लिए लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) जारी कर दी है। शिवपुरी में 100 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश के लिए एमसीआई द्वारा यह परमिशन दी गई है। अब मध्य प्रदेश के 85 प्रतिशत छात्र-छात्राएं मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में प्रवेश ले सकेंगे। साथ ही नीट मेरिट के आधार पर ऑल इंडिया से 15 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकेंगे। 

मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के मीडिया प्रभारी डॉ गिरजाशंकर गुप्ता ने बताया कि 2 मई को एमसीआई ने प्रदेश सरकार के सामने चार शर्तें रखकर अंडरटेकिंग मांगी थी। बिल्डिंग, स्टाफ व बजट प्रावधान आदि की शर्तें मानते हुए प्रदेश सरकार ने 8 मई को अंडरटेकिंग दे दी थी। लिखित प्रक्रिया के बाद अब 20 मई को एमसीआई ने एलओपी (लेटर ऑफ परमीशन) जारी कर दी है। 100 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश के लिए यह अनुमति दी गई है। इसी शैक्षणिक सत्र 2019-20 से छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित सिंधिया ने शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज तत्कालीन यूपीए सरकार के केंद्रीय स्वाथ्य मंत्री गुलाम नवी आजाद से स्वीकृत  कराकर आधारशिला रखी थी। इन पांच वर्षो 2014 से 2019 तक श्री सिंधिया ने इस कॉलेज के लिए लड़ाई लड़ी और इसी का परिणाम है कि आज शिवपुरी में भव्य और विशाल मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हुआ और इसी वर्ष जुलाई से एडमिशन भी प्रारंभ हो रहे है। लोकसभा चुनाव आचार सहिता से कुछ दिन पूर्व ही इसका लोकार्पण भी कर दिया है और भरोसा भी दिलाया था कि इसी साल  एलओपी मिल जायेगी और आज 100 सीटों पर प्रवेश की परमिशन भी जारी हो गई है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से शिवपुरी सहित श्योपुर, अशोकनगर और गुना जिले की जनता को फायदा होगा। शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के लिए पूर्व डीन डॉ. ज्योति बिंदल ने भी कई प्रयास किए थे। 

300 बिस्तर की अस्पताल बिल्डिंग भी बन रही 

मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग लगभग तैयार है। फिनीशिंग का काम भी काफी हद तक पूरा हो गया है। छात्र-छात्राओं को रहने के लिए हॉस्टल, नर्सिंग हॉस्टल और स्टाफ क्वाटर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा 300 बिस्तरीय अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण भी चल रहा है। आने वाले सालों में अस्पताल में पलंगों की संख्या बढाई जाएगी। 

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