शिवपुरी। जिला अस्पताल में भर्ती युवक अनिल रजक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अनिल की मौत हुई है और इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मृतक के पिता रामदयाल रजक का आरोप है कि डॉ. एसके पिप्पल ने अपने क्लीनिक पर फीस लेने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन दूसरे डयूटी डॉक्टर दिनेश राजपूत ने पहले डॉक्टर का पर्चा देखकर इलाज करने से इंकार कर दिया और जब उस डॉक्टर को ही क्लीनिक पर जाकर फीस दी गई तब कहीं जाकर इलाज शुरू हो सका। लेकिन फायदा न होने पर अस्पताल के एक अन्य डॉक्टर ने ग्वालियर रैफर कर दिया। लेकिन किशोर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अनिल रजक पुत्र रामदयाल रजक निवासी श्री बिहार कॉलोनी शिवपुरी को खून की कमी के कारण 26 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के भाई जितेंद्र रजक का आरोप है कि अनिल को भर्ती कराने के लिए जब वह डॉ. पिप्पल के पास पहुंचे तो उन्होंने पहले अपने क्लीनिक में बुलाया और फीस लेने के बाद ही अस्पताल में भर्ती करा दिया। लेकिन वार्ड में डयूटी पर तैनात डॉ. राजपूत ने डॉ. पिप्पल का मरीज होने की बात कहकर इलाज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह डॉ. राजपूत के क्लीनिक पर पहुंचे और उन्हें भी फीस दी तब इलाज प्रारंभ हुआ, लेकिन इसके बाद भी अनिल की दशा नहीं सुधरी और उसकी हालत बिगड़ती देखकर डॉक्टरों ने 10 अप्रैल को उसे ग्वालियर रैफर कर दिया। परंतु एंबुलेंस में अनिल ने दम तोड़ दिया। पीडि़त पिता ने डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती।





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