
मानव विज्ञान हमें मानव धर्म सिखाता है
शिवपुरी। बाहरी परिवेश एवं हमारे आचार विचार गर्भस्थ शिशु के जीवन पर अमिट प्रभाव डालते है। गर्भवती महिलाओं को अनुकूल एवं खुशनुमा माहौल उपलब्ध होना ही चाहिये। गर्भावस्था में मां जैसे विचार रखेगी,निश्चय ही बच्चे में वह गुण दिखाई देंगे। मानव विज्ञान में यह तथ्य प्रमाणित होता है कि हम जैसी संतान चाहे वैसी संतान प्राप्त कर सकते है। यह विचार आंगनवाड़ी ट्रेनिंग सेंटर पर वसुंधरा कुटुंबकम के सेमीनार में होम्योपैथ डॉ.अभिषेक द्विवेदी ने व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि मानव के अंदर सोच एक अजीव और अद्भुत शक्ति है। जहां सकारात्मक सोच उसे सफल बनाती है,वहीं नकारात्मक सोच असफलता की ओर धकेल देती है।यदि मनुष्य तय करले कि यह कार्य में कर सकता हूँ, तो वह कार्य होकर ही रहेगा।यदि वह निराशा के विचारों को अपने अंदर आने देगा तो वह असफलता ही प्राप्त करेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा,सहायक निर्देशिका माया मिश्रा एवं कमलेश शर्मा,वसुंधरा कुटुंबकम शिक्षा प्रसार समिति अध्यक्ष समीक्षा भार्गव, कोषाध्यक्ष अरविंद धाकड़, मयंक राठौर,पूनम यादव के अलावा जिले की विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताएं मौजूद थीं।
उल्लेखनीय है बसुंधरा कुटुंबकम शिक्षा प्रसार एवं जन कल्याण समिति शहरी युवाओं का एक ऐसा संगठन है जो संपूर्ण पृथ्वी को एक परिवार मानते हुए जन कल्याण के लिये कार्य करना चाहता है। समाज में व्यप्त सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के साथही समाज को मानवता का पाठ सिखाना चाहते है।समिति स्कूली बच्चों को मानव विज्ञान के साथ साइबर क्राइम एवं सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण भी देगी।संस्था के साथ जुड़े सभी सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता है जो निस्वार्थ भाव से सामाजिक परिवर्तन की अलख जगाने के लिये प्रयत्नशील है।






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