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बाल विवाह के दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने परियोजना अधिकारी ने दिया आवेदन | Shivpuri News

बाल विवाह रचाने बालों पर प्रशासन की शख्ती
वर-बधू पक्षों के परिजन-रिस्तेदार एवं सहयोगियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
पिछोर। संकट मोचन कालोनी पिछोर में बुधवार को केवट परिवार द्वारा 15 वर्षीय बालिका का बाल विवाह कर दिया था। सूचना पर जांच करने पहुंचे परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी को घर पर ताला लगा मिला। शाम को जब टीम दुबारा मौके पर पहुंची तो बालिका की मां के द्वारा बेटी का विवाह करना स्वीकार किया।
गुरुवार को परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी के द्वारा थाना प्रभारी पिछोर को आवेदन देकर बाल विवाह करने वालों,कराने वालों एवं सहयोगियों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 एवं किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग की गई है।
बुधवार को भी दर्ज कराया था मामला
   
परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी ने बुधवार को भी पिछोर तहसील के सुजावनी गांव में 4 मई को समझाइश देने के बाद भी 17 वर्षीय नाबालिग का बाल विवाह करने के दोषी बालिका के माता-पिता, ताऊ एवं विवाह में शामिल घर परिवार के सदस्यों, रिश्तदारों एवं बरातियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया था। उल्लेखनीय है कि सुजावनी गांव के कमरिया परिवार को टीम ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों से परिचित कराया तो उन्होंने टीम को बाल विवाह न करने का लिखित बचन दिया था। टीम के जाते ही छुपकर बाल विवाह कर लिया था।
सिरसौद में भी शिकायत की जांच करने पहुंची टीम
 करैरा ब्लॉक के गांव सिरसौद के मजरा सूखापूरा में बाल विवाह की सूचना मिलने पर परियोजना अधिकारी रविरमन पाराशर ने सेक्टर पर्यवेक्षक राजप्रभा मौर्य के जांच करने हेतु भेजा, किंतु जिस परिवार में बाल विवाह की शिकायत प्राप्त हुई थी उस परिवार में 6 मई को बाल विवाह होना था। टीम के समझाने के बाद परिजनों ने बाल विवाह न करने का भरोसा दिलाया। जब दुवारा टीम पहुंची तो वहां विवाह आयोजन जैसा कुछ भी नहीं था। परिजनों ने भरोसा दिलाया कि वह चोरी छिपे विवाह नहीं करेंगे। एक वर्ष के बाद उम्र पूरी होने पर ही करेंगे।
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