
शिवपुरी। भाजपा सरकार में शुरू की गई अटल ज्योति योजना से शिवराज सरकार ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था जिसका लाभ प्रदेशवासियों को भाजपा शासनकाल में मिलता रहा, लेकिन बीते विधानसभा चुनाव में शिवराज की सरकार चले जाने के बाद कमलनाथ की कांग्रेस सरकार आने के साथ ही अटल ज्योति योजना का प्रभाव खत्म हो गया और बिजली की अघोषित कटौती शुरू हो गई जिसने दिग्विजय सिंह के शासनकाल की याद ताजा कर दी है। बिजली विभाग द्वारा प्रतिदिन 3 से 4 घंटे बिजली की अघोषित कटौती शुरू कर दी है। जिसका असर शहर सहित ग्रामीणों इलाकों में देखा जा रहा है। कल चली तेज आंधी और रिमझिम बारिश के बाद बिजली कंपनी ने मेंटीनेंस के नाम पर कटौती की जो आज सुबह भी जारी रही। लाइट न आने से लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली चले जाने से पानी की पेयजल संकट भी बढ़ गया है। साथ ही ग्रामीण इलाकों में लाइट न होने के कारण फसलों में पानी देने के लिए किसानों को संकट से जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी बिजली कटौती
अघोषित बिजली कटौती से आम ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर दिन में दो से चार घंटे तक की बिजली गुल रहती है। सबसे बुरा हाल ग्रामीण फीडरों का है। बिजली गायब रहने से कई काम काज ठप पड़े हैं। ग्रामीणों के अनुसार बिजली सप्लाई बिना कोई सूचना के ही कटौती की जा रही है। बिजली की सप्लाई न मिलने से ग्रामीण सहित शहर के कई व्यापारी व कई बिजली उपभोक्ता परेशान है। हर समय बिना कोई सूचना के कई घंटों बिजली गुल रहती है। दिन में दो से चार घंटे की अघोषित कटौती से कई दुकानदारों वालों को व बिजली उपभोक्ताओं को दिक्कत महसूस होती रहती है।
गर्मी से बेहाल
एक तरफ गर्मी तो दूसरी तरफ बिजली से संबंधित कई काम काज लोगों का बिजली कटौती से जीना दुश्वार कर दिया है। ऐसे में बिजली का न होना मुसीबत बढ़ा देता है। यही नहीं कभी-कभी सुबह के समय बिजली गुल रहने से पानी की विकट समस्या खड़ी हो गई है। शहरवासियोंं ने मांग की है कि बिजली की समस्या का समाधान कर उन्हें राहत पहुंचाई जाए।






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