सरदार का फार्म हाउस बना काले कारोबार का ठिया
शिवपुरी। कल्याणपुर की बंद रेत खदान ने रेत माफियाओं को नए रास्ते खोजने पर मजबूर कर दिया हैं। भ्रष्ट व्यवस्था से गले गले तक मिले रेत माफियाओं ने कल सोनचिरैया अभ्यारण में स्थित चितारी से माल निकालना दम से शुरू कर दिया हैं। पक्की खबर हैं कि चितारी में तीन पनडुब्बी और दो एलएनटी मशीन उतार दी गई हैं। धड़ल्ले से सोनचिरैया अभ्यारण में न सिर्फ रेत निकाली जा रही हैं बल्कि दम से उसकी निकासी भी खुलेआम की जा रही हैं। रेत के काले कारोबार को करने और जमाने के लिए एक सरदार के फार्म हाउस को ठिया बना गया हैं। सरदार का यह फार्म हाउस सीहोर के ग्राम बिजौर में स्थित हैं। बताया जाता है कि कल ही बड़े तामझाम के साथ यह काला कारोबार जमाया गया है। डम्फर मालिकों को बकायदा न्यौतकर चार-पांच हजार में रेत भरकर दी जा रही हैं और डम्फर चालकों को परिवहन में कोई परेशानी कहीं न आए इसलिए ग्वालियर के भितरवार की एक पंचायत से रॉयल्टी काटकर इन्हें थमाई जा रही हैं। सोनचिरैया अभ्यारण क्षेत्र में रेत के किए जा रहे काले कारोबार से या तो वन विभाग और खनिज महकमा अंजान है या फिर ले देकर रेत को बनाया जा रहा है खुद के लिए सोना।
शिवपुरी। कल्याणपुर की बंद रेत खदान ने रेत माफियाओं को नए रास्ते खोजने पर मजबूर कर दिया हैं। भ्रष्ट व्यवस्था से गले गले तक मिले रेत माफियाओं ने कल सोनचिरैया अभ्यारण में स्थित चितारी से माल निकालना दम से शुरू कर दिया हैं। पक्की खबर हैं कि चितारी में तीन पनडुब्बी और दो एलएनटी मशीन उतार दी गई हैं। धड़ल्ले से सोनचिरैया अभ्यारण में न सिर्फ रेत निकाली जा रही हैं बल्कि दम से उसकी निकासी भी खुलेआम की जा रही हैं। रेत के काले कारोबार को करने और जमाने के लिए एक सरदार के फार्म हाउस को ठिया बना गया हैं। सरदार का यह फार्म हाउस सीहोर के ग्राम बिजौर में स्थित हैं। बताया जाता है कि कल ही बड़े तामझाम के साथ यह काला कारोबार जमाया गया है। डम्फर मालिकों को बकायदा न्यौतकर चार-पांच हजार में रेत भरकर दी जा रही हैं और डम्फर चालकों को परिवहन में कोई परेशानी कहीं न आए इसलिए ग्वालियर के भितरवार की एक पंचायत से रॉयल्टी काटकर इन्हें थमाई जा रही हैं। सोनचिरैया अभ्यारण क्षेत्र में रेत के किए जा रहे काले कारोबार से या तो वन विभाग और खनिज महकमा अंजान है या फिर ले देकर रेत को बनाया जा रहा है खुद के लिए सोना।





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