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किसान के बेटे नरेंद्र रावत ने बढ़ाया मान, आईपीएस के लिए चयनित | Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी के छोटे से गांव रामखेड़ी के मूल निवासी और वर्तमान में महल कॉलोनी में रहने वाले किसान रमेश रावत महज 10वीं तक पढ़े हैं, लेकिन इकलौते बेटे और दो बेटियों की पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी। बेटे नरेंद्र रावत ने पिता के इस विश्वास को हर सीढ़ी पर खरा साबित किया। आईआईटी के बाद लगातार तीन बार यूपीएससी में सफलता हासिल की। सबसे पहले रेलवे फाइनेंस कमीशनर फिर आईआईएफएस में चयनित हुआ और हाल ही में घोषित यूपीएससी के परिणाम में नरेंद्र आईपीएस के पद पर चयनित हुआ तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। नरेंद्र का लक्ष्य यहीं नहीं ठहरता वे अभी भी तैयारी जारी रख आईएएस के पद पर चयनित होना चाहते हैं। शिवपुरी जैसे छोटे शहर के लिए नरेंद्र और उनका परिवार कई युवाओं के लिए प्रेरणा साबित हो रहे हैं। 
10वीं तक शिवपुरी फिर कोटा में की तैयारी
नरेंद्र के पिता रमेश रावत बताते हैं कि नरेंद्र ने 8वीं तक की शिक्षा एसपीएस स्कूल में की। इसके बाद वे 10वीं तक सेंट चाल्र्स स्कूल में पढ़े वहां वे स्कूल के लीडर भी रहे। इसके बाद 11वीं व 12वीं की पढ़ाई कोटा में आईआईटी की तैयारी के साथ की। साल 2009 में आईआईटी में चयनित हुए बाणारसी में कैमीकल इंजीनियरिंग में उन्होंने बी-टेक की। इसके बाद दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। 2017 में इंडियन रेलवे में एकाउंट सर्विस में चयनित हुए जहां उन्हें गोवाहाटी में पोस्टिंग मिली, लेकिन चार-पांच महीने जॉब करने के बाद वे फिर तैयारी में जुट गए और इसके बाद उनका चयन आईएफएफएस में हुआ और एमपी कैडर मिला। वर्तमान में वह देहरादून में प्रशिक्षणार्थी हैं। इसी दौरान दोबारा परीक्षा दी और अब आईपीएस के लिए चयनित हुए है यहां भी उनकी प्राथमिकता एमपी कैडर ही रही है।
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