
शिवपुरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चुरहट जिला सीधी में पदस्थ रहे डॉ. शिवम मिश्रा के विरुद्ध एससीएसटी एक्ट की कायमी के बाद उनके द्वारा सरकारी आवास में आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ रहा है। सवर्ण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक अधिकारी-कर्मचारी संस्था ने इस मामले में मुखर होते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में सपाक्सजनों ने उल्लेख किया है कि नर्स द्वारा झूठी शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने एससीएसटी एक्ट में केस दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया। जिसके बाद डॉ. मिश्रा ने 27 जनवरी को अपने सरकारी आवास में आत्म हत्या कर ली। सपाक्स ने इस मामले में बड़े षडयंत्र की आशंका जताई है और मामले की न्यायायिक जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी उल्लेख किया है कि शासकीय सेवा में कार्यरत सेवकों के बीच छोटे-मोटे विवाद सामान्य घटना है और अक्सर झूठे विवादों की ऐसी परिणिती से तंत्र ही नष्ट हो जाएगा। अत: ऐसे मामलों में शासकीय जांच में पुष्टी और सक्षम अधिकारी की अनुशंसा के बाद ही केस दर्ज होा चाहिए। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने जो एसटी एक्ट में संशोधन किया था जिसे केंद्र सरकार ने नहीं माना उसे भी न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार ही लागू किया जाना चाहिए। सपाक्स ने मृतक डॉक्टर के परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा व अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में सपाक्स के जिलाध्यक्ष डॉ. कौशल गौतम, मीडिया प्रभारी बृजेन्द्र भार्गव, उमेश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, नोडल अधिकारी मनोज निगम, प्राचार्य विवेक श्रीवास्तव, मनोज भार्गव, महेंद्रसिंह तोमर, तनुजा गर्ग सहित बड़ी संख्या में सपाक्सजन मौजूद रहे।






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