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सिद्धांत और मूल्य की पहचान थी उर्मिला गांधीः चंदेल / Shivpuri News

 

आर्य समाज मंदिर परिसर में मनाई गई संस्थापिका स्व. उर्मिला गांधी की प्रथम पुण्यतिथि

शिवपुरी। जीवन
तो हर कोई जीता है, लेकिन कुछ लोग होते हैं, जो अपने सिद्धांतों और
मूल्यों के साथ जीवन जीते है। मैं स्व. उर्मिला गांधी के जीवन के बारे में
ज्यादा तो नहीं जानता, लेकिन जब से शिवपुरी आया हूं, तब से उनके परिजन
गांधी परिवार के बीच जरूर संपर्क रहा हूं। यही कारण है कि उनकी प्रथम
पुण्यतिथि पर अन्य वक्ताओं द्वारा उनके जीवन के बारे में जानने का अवसर
मिला।

यह बात पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने रविवार को आर्य
समाज मंदिर में आयोजित स्व. उर्मिला गांधी के प्रथम पुण्य स्मरण में आयोजित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। इस अवसर वरिष्ठ समाजसेवी व
व्यापमं सदस्य आलोक एम. इंदौरिया, सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे भी मौजूद थे।
इस अवसर पर लखवीर सिंह राणा द्वारा बताया गया कि किस प्रकार से स्व.
उर्मिला गांधी का यज्ञ के प्रति लगाव था कि वह यज्ञ को लेकर छोटे-छोटे
बच्चों के लिए संस्कार शाला चलाती थी और घर-घर जाकर यज्ञ सिखाने का कार्य
भी करती थी। यदि उन्हें कहीं जानकारी मिल जाए कि कहीं पर यज्ञ होना है तो
वहां अपने स्वास्थ्य की भी वह परवाह नहीं करती और स्वयं उस स्थान पर
पहुंचकर यज्ञ में भाग लेती। इस अवसर पर गांधी परिवार ने इसमें 2 लाख 51
हजार की राशि और दान की घोषणा की और वहां उपस्थित डॉक्टर्स से आह्वान किया
कि आपके पास जो भी निर्धन रोगी आए और उसे इलाज के लिए आवश्यकता हो तो आर्य
समाज भेज दें। यहां ट्रस्ट उनकी यथासंभव सहायता करने का प्रयास करेगा जो
पीड़ित मानवता के लिए सेवा कार्य में यह राशि व्यय की जाएगी। इस अवसर पर
लखवीर सिंह राणा, हनी हरियाणी, सचिन सोनी, राजेन्द्र गुप्ता, धर्मेश आरोरा,
डॉ. शैलेंद्र गुप्ता, भरत अग्रवाल, संतोष शिवहरे, मुकेश जैन, तरूण अग्रवाल
आदि के द्वारा भी अपनी भावभानी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने विचार
व्यक्त किए। इस अवसर पर 11 हजार गायत्री मंत्रों की आहुतियां दी गई, जिसमें
सभी आर्यजनों से सपिरवार भाग लिया। अंत में सभी ने आयोजित प्रसाद ग्रहण
किया।

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