ठिकाना अभी तय नही , जो देगा कुछ वही गड़ेगा झंडा
शिवपुरी: शिवपुरी के कोलारस से वर्तमान विधायक वीरेंद्र रघुवंशी एक फेमस भगोड़ा विधायक है. पहले भी ये 2007 में आपके आका से गद्दारी कर चुके जिसने इसको गली गली घूम कर 2007 का विधानसभा का उपचुनाव जिताया था और ये उसका नही हुआ तो फिर किसका होगा. इसके बाद 2008 में इनको शिवपुरी से माखनलाल राठौर ने इनको हराया फिर 2013 में यशोधरा राजे सिंधिया ने इसको शिवपुरी विधानसभा से हराया फिर 2018 हार हार कर थक चुके वीरेंद्र कोलारस विधानसभा से मात्र लगभग 750 वोटो से नजदीकी मुकाबले में चुनाव जीते, आखिर जिस BJP ने विधायक का टिकट दिया और पिछले 5 साल BJP सत्ता का सुख भोगा अब जब भाजपा से कोलारस से टिकट कटता दिखा तो अचानक भाजपा से इस्तीफा अब फिर गद्दारी ,आखिर ये इस्तीफा आज ही क्यों ये तो बहुत पहले ही दे देना था जब भाजपा से टिकट कटता दिखा तो तुरंत टिकट मोह ने भाजपा छोड़ी.
अब देखने वाली बात तो ये होगी क्या कांग्रेस ऐसे भगोड़ा और लालची विधायक को देगी टिकट या …..?
रघुवंशी ने इस्तीफे में कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह कहते हुए कांग्रेस सरकार गिराई थी कि किसान कर्ज माफी नहीं की जा रही है, लेकिन उसके बाद से उन्होंने आज तक कर्ज माफी की बात नहीं की है। शिवपुरी जिले समेत पूरे प्रदेश में सहकारी बैंक में हो रहे घोटालों का जिक्र भी उन्होंने किया है। कहा है कि किसान परेशान हैं, लेकिन किसानों की बात सुनने वाला कोई नहीं है। प्रदेश भर में गोमाता के नाम पर वोट मांगे गए, लेकिन गोमाता की रक्षा-सुरक्षा के लिए कोई प्रावधान नहीं किए जाते हैं। 3.14 लाख करोड़ के बजट में गोमाता की रक्षा के लिए बजट नहीं आवंटित होता है। बार-बार आग्रह करने पर तीन से चार महीने बाद राशि दी जाती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में विधायक दल की बैठक और अन्य बैठक में प्रदेश हित के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की जाती, बल्कि भ्रष्टाचारियों का बचाव किया जाता है। मैं जनसेवक हूं, ऐसे वातावरण में अत्यंत घुटन महसूस कर रहा हूं और आहत हूं।
उन्होंने अपने इस्तीफे में शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया का नाम लिए बगैर उन्हें भी घेरा। कहा है कि पूर्व में कई बार शिकायत हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में उनके जैसे कार्यकर्ता उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं।







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