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2 गांव के लोगों को 17 साल बाद मिलेगा मुआवजा: माधव नेशनल पार्क के पास रह रहे हैं 5 गांव के लोग / Shivpuri News

शिवपुरी: 17 साल से माधव नेशनल पार्क में 5 गांव के ग्रामीणों का मुआवजे को लेकर विवाद चल रहा था। माधव नेशनल पार्क में 3 बाघों के आने के बाद भी 5 गांव के लोग नेशनल पार्क की सीमा में डर कर जी रहे थे। लोगों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की थी।


उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उचित मुआवजा नहीं देगी। तब तक वह अपने गांव को छोड़कर कही नहीं जाएंगे। अब 17 साल बाद 2 गांव चकडोंगर और अर्जुनगवां के लोगों के मुआवजे के विवाद का हल निकाल लिया गया हैं।

अनुभाग अधिकारी और भू-अर्जन अधिकारी ने पात्र ग्रामीणों की सूची जारी कर दी हैं। इन्हें अब नई गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। नई गाइडलाइन के अनुसार सरकार की ओर से परिवार के प्रति वयस्क सदस्य को 15 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। इस राशि वे अपने रहने के लिए यहां से कही दूर व्यवस्था कर सकते हैं। अभी लखनगवां, मामोनी और हरनगर के ग्रामीणों को मुआवजा मिलना बचा हुआ हैं।

इन ग्रामीणों को मिलेगा मुआवजा

अर्जुनगवां गांव के पात्र व्यक्तियों की सूची में शुभम सिंह परिहार, देवेन्द्र सिंह परिहार, सुरभी परिहार, भागीरथ, बालू, करणसिंह आदिवासी, राधाकृष्ण वैश्य, लटूरा आदिवासी, उत्तम आदिवासी, रामू आदिवासी, गुड्डी आदिवासी, रामवती आदिवासी शामिल है।

चकडोंगर गांव के पात्र व्यक्तियों की सूची में बलजीत कौर, जुगराज सिंह सिक्ख, सर्वजीत सिंह सिख, राम सिंह गुर्जर, रामवरण गुर्जर, कुसुम सिंह, रामसिंह गुर्जर, रामचरण गुर्जर, बलजीत कौर, भारी सिंह, जागीर सिंह, जोगिन्दर सिंह, हरवंश सिंह, महेन्द्र सिंह, मल्लियन सिंह, जुगराज सिंह शामिल है।

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