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बजरंगबली की सौगंध… सरकार बनते ही एक-एक किसान का कर्ज माफ करेंगे: जयवर्धन / Shivpuri News

शिवपुरी: कर्जमाफी योजना किसी राजनीतिक दल की नहीं थी। यह योजना तो सरकार की थी। जब 3 साल पहले भाजपा सरकार में आई तो उनकी नियत जनता के प्रति बिल्कुल अच्छी नहीं थी। यदि होती तो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लागू की गई कर्ज माफी योजना को वह जारी रख सकते थे। जिससे कि शेष बचे किसानों का भी कर्ज माफ हो जाता। उसका परिणाम यह हुआ कि जिन किसानों का कर्जा 80 हजार से ऊपर था उनका कर्ज माफ नहीं हो पाया। हम बजरंगबली के मंदिर के सामने वचन दे रहे हैं। उनकी सौगंध अगर तीन महीने बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी कमलनाथ मुख्यमंत्री बनेंगे तो एक-एक किसान जिसने कर्ज माफी फार्म भरा था या एक-एक किसान जो नवंबर 2023 तक कर्जदार है या डिफॉल्टर है उनका कर्ज सरकार माफ करेगी। यह बात पूर्व कैबिनेट मंत्री जयवर्धन सिंह ने आज बदरवास में आयोजित सभा में हजारों किसानों की भीड़ को संबोधित करते हुए कही।
*कट्टर सिंधिया समर्थक ने किया भावभीना स्वागत*
जयवर्धन सिंह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत साढ़े बारह बजे शिवपुरी जिले के बदरवास के गुढ़ाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में मौजूद हजारों की तादाद में जनता ने जयवर्धन सिंह का भावभीना स्वागत किया। उनके साथ चंदेरी विधायक गोपालसिंह डग्गीराजा और करैरा विधायक प्रागीलाल जाटव मौजूद थे। यहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजयसिंह चौहान के साथ कटटर सिंधिया समर्थक माने जाने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र जैन गोटू तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बैजनाथ सिंह ने अतिथि नेताओं का भव्य स्वागत किया। काफिले के स्वागत के दौरान जहां तक नजर जा रही थी जनता का सैलाब दिख रहा था।
*खून पसीने से जमा की गई रकम तक नहीं दे रहे बैंक*
जयवर्धन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यहां यह समझना आवश्यक है कि यह कर्ज माफी योजना किसान के लिये इतनी जरूरी क्यों है? जो किसान शिवपुरी, चंदेरी, अशोकनगर, गुना क्षेत्र के हैं वे अच्छी तरह जानते हैं कि जब किसान का समय आता है तो बैंक वाले दबाव डालते हैं कि केसीसी की रकम जमा करो नहीं तो आगे ऋण नहीं मिलेगा केसीसी निरस्त हो जाएगा। तो किसान किसी न किसी तरह व्यवस्था करके रकम बैंक में जमा करता है ताकि वह डिफॉल्टर न हो जाए। लेकिन जब किसान कुछ समय बाद दोबारा बैंक जाता है विशेषकर सहकारी बैंको में और अपने द्वारा जमा की गई राशि दोबारा निकालने का प्रयास करता है तो उसे बैरंग लौटा दिया जाता है।
*सब जगह बैंकों का हाल खराब*
जयवर्धन ने वहां मौजूद जनता से सवाल किया कि आप बताएं क्या सहकारी बैंकों में आपके खून पसीने से जमा कराई गई मुसीबत के समय में काम आने वाली राशि आपको दी जा रही है क्या? उपस्थित जन द्वारा एक आवाज में नहीं की आवाज बुलंद किये जाने पर जयवर्धन ने कहा कि शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, चंदेरी, ग्वालियर सब जगह बैंकों का यही हाल है। व्यक्ति द्वारा खुद की जमा कराई गई रकम तक देने में बैंक हाथ खड़े कर रहे हैं।
*चुनाव कराने की जगह दलाल बैठाकर हड़प रहे जनता का पैसा*
यह स्थिति हो गई है कि अब तो लोगों का बैंकों पर से भरोसा ही उठ गया है। जितने सहकारी बैंक हैं वह सब डिफॉल्टर हो चुके हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि भाजपा सरकार ही डिफाल्टर हो गई है। कांग्रेस के शासन में हर पांच साल में सहकारिता, मंडी आदि चुनाव नियम से होते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव इसलिये आवश्यक होते हैं क्योंकि चुनाव होने के बाद मंडी में, बैंक में, बोर्ड में किसान बैठेगा, वह नीतिगत व्यवस्था बनाएगा। आम जन की भागीदारी होगी। वे इस तरह किसी संस्था को हरगिज डिफॉल्टर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि 2010 के बाद से भाजपा सरकार द्वारा मंडी, और सहकारी संस्थाओं के चुनाव कराना बंद कर दिये गय और इसलिये बंद करा दिये कि चुनाव होते तो किसान चुना जाता। यदि किसान चुना जाता तो भाजपा अपने दलाल नहीं बैठा पाती।
*180 करोड़ के गबन का जिम्मेदार कौन*
आज हर संस्था में भाजपा ने अपने दलालों को बैठा दिया है जो दीमक की तरह बैंक, मण्डी आदि संस्थाओं को चट करते जा रहे हैं। जयवर्धन ने बताया कि चंदेरी बैंक में 130 करोड़ की राशि गायब हो गई है। उसका जिम्मेदार कौन है। चुनाव तो हो नहीं रहे। फिर कौन इसका जिम्मेदार है? आखिर कौन यह पैसे खा गया? भाजपा सरकार ने हमें लिखित उत्तर में बताया है कि अकेली कोलारस सोसायटी में ही 180करोड़ का घोटाला हुआ है। सोचिये कि पूरे शिवपुरी जिले में इन्होंने क्या हाल किया होगा।
*किसान की आय नहीं लागत दोगुनी हो गई*
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जितनी तरक्की भाजपा कर रही है वह भ्रष्टाचार में ही कर पा रही है। किसानों की मेहनत की रकम को ही उड़ा दिया। उन्होंने जनता से पूछा कि मोदी दावा करते थे कि किसान की आय दोगुनी करेंगे। आप बताईये कि आय दोगुनी हुई है या लागत दोगुनी हुई है। भाजपा राज में महंगाई चार गुनी हो गई। किसान की लागत दो गुनी हो गई। और किसान की आय आधी से कम हो गई है। भाजपा कहती है महंगाई की बात मत करो देश खतरे में है। देश खतरे में तो 1965 और 1971 में आया था जब इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को हराकर उसके दो टुकड़े कर दिये थे। जयवधन ने कहा कि आज देश नहीं देशवासी खतरे में है वह भी भ्रष्टाचार से, महंगाई से, लड़ाई झगड़ों से, कट्टरता से, झूठ से। हमें और हमारे देश-प्रदेशवासियों को इन नकारात्मक चीजों से उभरना होगा।

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