विश्व नशा मुक्ति दिवस 2022 के तहत ग्राम नीम डांडा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
शिवपुरी। युवा पीढी़ नशें की गुलाम हो चुकी है। दुनिया भर के युवा नशे की अंधी गलियों में भटक चुके हैं। युवाओं को बाहर निकालना हरेक का नैतिक कर्तव्य है। दुनिया में हर साल लाखों युवा नशे के कारण असमय ही मौत के आगोश में समाते जा रहे हैं। नशा निषेध दिवस पर एक संकल्प लेना होगा। आज छोटे-छोटे बच्चे नशें के आदी हो चुके हैं। यह बात शक्तिशाली महिला संगठन के संयोजक रवि गोयल ने विश्व नशा मुक्ति दिवस 2022 के तहत ग्राम नीम डांडा में जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कही।
ग्राम की सुपोषण सखी इंग्लिश आदिवासी ने कहा कि आज बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक नशें के गुलाम बन चुके हैं। नशा आज स्टेटस सिबंल बन चुका है। कैसी विडंबना है कि मानव को नशें से होने वाली बीमारियों का पता है फिर भी खुद ही मौत को दावत दी जाती है। पुरुष तो नशा करते ही हैं मगर आज महिलाए भी नशें की गिरफ्त में आ चुकी हैं। दर्जनों प्रकार के नशों को करती हैं।
पूजा शर्मा कॉर्डिनेटर ने कहा की शराब व दवाओं का नशा किया जा रहा है। हर रोज चिट्टेे व हैरोइन के अवैध कारोबार करने वालों को पकड़ा जा रहा है। नशा आज एक फैशन बन चुका है। नशें के कारण आज कई घरों के चिराग बूझ गए तो कुछ जेलों में चक्की पीस रहें है। सामाजिक कार्यकर्त्ता लव कुमार वैष्णव ने कहा की आज मां-बाप दुखी हैं कि उनके चिराग नशें की गिरफत में आते जा रहे हैं। आज नशे के सौदागर युवाओं के भविष्य खराब करते जा रहे हैं। अगर युवा ही नशे का प्रयोग करेगा तो आने वाला कल अंधकारमय ही होगा। युवा के कंधों पर देश टिका है, मगर यह कंधे थक चुके हैं। नसों में नशा भर चुका है। प्रोग्राम में समुदाय के महिला पुरुष एवम बच्चो ने भाग लिया साथ ही शक्ति शाली महिला संगठन की पूरी टीम ने सक्रीय भूमिका निभाई।






Be First to Comment