Press "Enter" to skip to content

योग दिवस को भुला बैठे अधिकारी कर्मचारी, प्रतीक बनकर रहा गया योग दिवस इस साल / Shivpuri News

शिवपुरी चंद्रशेखर पुरोहित. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को पहली बार 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मान्यता दी गई थी। उस समय संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, अशोक मुखर्जी ने योग के अभ्यास के लिए एक दिन को मान्यता देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय निकाय को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त महासभा में दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार कर लिया। इस प्रस्ताव में 175 अन्य सह-प्रायोजक मिले, जो संयुक्त राष्ट्र में किसी प्रस्ताव के लिए अब तक का सर्वाधिक है। नतीजतन, प्रस्ताव जमा करने के 90 दिनों के भीतर पारित किया गया था। प्रस्ताव पारित होने के साथ ही 21 जून 2015 को पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। मात्र 8 साल बाद खनियाधाना में योग दिवस की स्थिति ऐसी बन गई की आज योग दिवस के दिन योग दिवस प्रभारी श्री प्रागीलाल जी अहिरवार को अपने कुछ शिक्षक मित्रों एवं नगर परिषद के चंद्र कर्मचारियों के साथ योग दिवस मनाना पड़ा पंचायत चुनाव का बहाना बनाकर अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारियों ने योग दिवस से दूरी बनाकर रखी जबकि पिछले वर्ष कोरोना काल में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया था इस वर्ष अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से खनियाधाना में योग दिवस मात्र एक प्रतीक बनकर रह गया.

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!