शिवपुरी। नरवर तहसील से चार किलोमीेटर दूरी पर स्थित मोहनी डेम के एक के बाद एक तीन दरवाजे बिना अलर्ट के खोल दिए। इतना ही नहीं सायरन भी नहीं बजाया। एकाएक गेट खुलने से पिकअप डैम के पास पार्टी करने आए परिवारों सहित अन्य लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार नरवर मोहिनी डैम पर विते रविवार कई परिवार पार्टी करने के लिए मोहिनी डैम पर गए हुए थे।इसके साथ ही कई युवा अपने दोस्तों के साथ मोहिनी डैम के जल भराव क्षेत्र में पार्टी कर रहे थे इसी दौरान मोहिनी डैम के तीन दरवाजे खुलते हुए लोगों को दिखाई दिए जिससे एकाएक हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई लोग अपने बच्चों को लेकर भाग पाते उससे पहले डैम के गेट से निकला पानी उन तक पहुँच चुका था। मौके पर मौजूद रवि का कहना है कि डैम के गेट से निकले पानी से अचानक चीख पुकार मच गई थी कई बच्चें पानी मे फस गए थे जिन्हें निकालने में उसके व उसके दोस्तों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने आए नसीरुद्दीन ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ पार्टी करने के लिए मोहिनी डैम पर आया हुआ था उसके साथ कई बच्चे भी थे इस दौरान मोहिनी डैम के किसी ने अचानक से गेट खोल दिए जिससे वह बहुत डर गया था और उसने अपने परिवार सहित बच्चों को जैसे तैसे बाहर निकाला।
मोहिनी डैम पर तैनात कर्मचारी नारायण शर्मा का कहना है कि उसे अधिकारियों से गेट खोलने के आदेश मिले थे जिसके बाद उसने डैम के तीन दरवाजों को खोल दिया। नारायण शर्मा का कहना है कि उसने डैम की बाउंड्री से ही हट जाने की आबाज लगा दी थी। परंतु जब नारायण शर्मा से लोगों ने सायरन न बजाने की बात पूछी तो नारायण शर्मा ने चुप्पी साध ली। हालांकि कर्मचारी नारायण शर्मा का कहना था कि डैम के तीन दरवाजों को पूरा खोलने के आदेश नहीं मिले थे। मोहिनी डैम के ईई ओपी जैन का कहना है कि उनके द्वारा डैम को कुछ प्रतिशत खोलने के आदेश दिए थे जिससे प्यासे पशुओं के लिए पानी पहुँच सके। ऐसी स्थिति में सायरन बजाया गया या नहीं बजाया गया यह बात उन्हें मालूम नहीं है।






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