पिछोर। पिछोर स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार की देर शाम बिजली गुल होने पर डाक्टरों को मोबाइल की रोशनी में मरीज का उपचार करने पर विवश होना पड़ा। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया जनरेटर सिर्फ शोपीस बना रहा।
जानकारी के अनुसार शनिवार की देर शाम खेल के मैदान में फुटबाल खेलते समय दो युवकों में झगड़ा हो गया। एक युवक ने गुस्से में आकर दूसरे युवक के सिर में पत्थर मार दिया, जिससे उसके सिर में चोट आ गई। घायल युवक को उसके स्वजन इलाज के लिए पिछोर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल होने के कारण डाक्टर ने न सिर्फ एमएलसी मोबाइल टार्च के उजाले में बनाई बल्कि मरीज को टांके भी मोबाइल टार्च की लाइट में ही लगाए गए। जब वहां पर टांके ठीक से नहीं लग पाए तो मरीज को उठाकर स्वास्थ्य केंद्र के बाहर मैदान में लाया गया, जहां सामान्य उजाले में उसका उपचार किया गया। इसी तरह का हाल अन्य मरीजों के साथ भी देखा गया। खास बात यह है कि ये हालात तब निर्मित हुए जबकि अस्पताल में एक महीने पहले ही लाखों रुपये मूल्य का जनरेटर खरीदा गया है। कुल मिलाकर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ा। इस संबंध में जब अस्पताल प्रबंधन से बात की गई तो प्रबंधन का कहना था कि जनरेटर नया है इसलिए फिलहाल चालू नहीं है। जनरेटर को एक दो दिन में चालू करवा लेते हैं। विचारणीय पहलू यह है कि जब जनरेटर को खरीदे हुए इतना लंबा समय व्यतीत हो गया है तो फिर अब तक उसे चालू क्यों नहीं करवाया गया।
पूर्व में भी सामने आ चुके हैं कई मामले
यह पहला मामला नहीं है जबकि जिले के किसी अस्पताल में मरीजों के साथ इलाज में लापरवाही का मामला सामने अया हो। इससे पहले हाल ही में दो माह पूर्व ही कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पर मोबाइल की रोशनी में एक्सीडेंट में घायल मरीजों को उपचार प्रदान किया गया था। इससे अलावा मोबाइल टार्च की रोशनी में प्रसव कराने के मामले तो झिरी, सिरसौद, बदरवास सहित कई जगहों पर सामने आ चुके हैं। खास बात यह है कि इतना सब होने के बाबजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सिर्फ कागजों में नोटिस जारी कर पूरी कार्रवाई को रफादफा कर दिया जाता है। इसी का परिणाम में ही स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बदस्तूर जारी है।
इनका कहना है
-जरनेटर नया आया है उसके लिए कल ही मैंने नई डीपी लगवाने की बात की है। आपकी बात सही है कल लाइट जाने के बाद हो सकता है कि मरीज का इलाज मोबाइल की टार्च से किया गया हो और डाक्टर ने पर्चा भी मोबाइल की रोशनी में बनाया हो। आज कल में नया जनरेटर चालू हो जाएगा।
डा. संजीव वर्मा, बीएमओ पिछोर






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