शिवपुरी। नगर पालिका चुनाव का विगुल फुक चुका है। सभी दलों के प्रत्याशियों ने मतदाताओं को मनाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं और घर—घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। वहीं मतदाता भी अब चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्याशियों की मंशा समझ चुके हैं। वह जानते हैं कि चाहे किसी भी दल का प्रत्याशी हो व
ह क्षेत्र में विकास कार्य कराने नहीं बल्कि अपना विकास कार्य करने के लिए आ रहे हैं और जनता को बेवकूफ बनाकर किसी भी तरह चुनाव जीतना चाहते हैं। लेकिन अब जनता को किसी भी दल का प्रत्याशी गुमराह नहीं कर सकता। वह समझ चुकी है कि चुनाव जीतने के बाद क्या होगा और किस तरह का विकास वार्ड का होगा। जनता इसलिए भी दुखी है कि पिछले कार्यकाल में जो पार्षद बने उन्होंने जनता की समस्याओं को कितना सुना और कितना उसको हल किया। जनता अब ऐसे पार्षद पद के पूर्व व नए प्रत्याशियों को सबक सिखाने के मूढ में आ गई है।
ऐसा ही एक मामला शिवपुरी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 21 से आया है। यहां के रहवासियों ने नगर पालिका चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। वार्डवासियों ने कहा कि किसी भी दल का प्रत्याशी उनके यहां वोट मांगने के लिए संपर्क करने न आए।
क्यों किया बहिष्कार, जाने कारण
वार्उ 21 के रहवासियों ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत पिछले आठ सालों में अरबों रूपए खर्च किए गए। लेकिन स्वच्छता तो कहीं भी नजर नहीं आई। दीनदयाल पुरम झांसी रोड जहां के निवासियों द्धारा पिछली वर्ष वर्षा ऋतु में कॉलोनी में 100 फीसदी घरों में 5 से 8 फीट तक पानी भर गया था तथा एक साल बाद फिर से वर्षा ऋतु आ गई है परंतु कॉलोनी के रहवासियों की समस्या यथावत बनी हुई है। इस समस्या की मुख्य वजह कॉलोनी के पास स्थित एक तलैया है जिस पर धीरे—धीरे अतिक्रमण होने से तथा कॉलोनी के तथा तलैया के जलनिकास के लिए जो नाला हाउसिंग बोर्ड द्धारा बनाया गया था उस पर भ्ज्ञी अतिक्रमण हो जाने से तथा तलैया की नियमित सफाई न होने से उसमें बहुत अधिक मात्रा में गंदगी पड़ी रहने के कारण यह स्थिति बनी है। इस कारण न केवल कॉलोनी निवासी दुर्गंध का शिकार हो रहे हैं बल्कि उन्हें बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा कॉलोनी की सीवजर लाइन का पानी घर में एवं सड़कों पर भरा रहता है। ऐसी स्थिति पिछले दस महीने से बनी हुई है। इस संबंध में कॉलोनी निवासी द्धारा प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, सांसद, क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर, पुलिस थाना में आवेदन दिए लेकिन आज दिनांक तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अब वर्षा ऋतु आ गई है और कॉलोनी में जल भराव की समस्या पैदा हो गई है। यही कारण है कि अब हम मतदान का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से कहा कि वह वोट मांगने के लिए उनसे मुलाकात नहीं करे। कॉलानी में 200 से अधिक मतदाता रहते हैं तथा पिछली बार प्रत्येक निवासी को लगभग दो लाख से अधिक का नुकसान हुआ जिसका नाममात्र का मुआवजा 6 हजार रूपए दिए गए तथा आज दिनांक तक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से बार—बार मिलने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। इसलिए उन्हें मतदान के बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। निवासियों का यह भी कहना है कि मतदान के बहिष्कार के बाद भी यदि कॉलोनी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
इनका कहना है
हर साल यहां पानी भर जाता है। वहीं सीबर चेंबर भी हर महीने भर जाता है। हम चेंबर साफ कराने के लिए प्रायवेट कर्मचारियों को 5 हजार रूपए हर महीने दे रहे हैं। नगर पालिका वाले हमारी सुनते हैं। वार्ड के पार्षद, विधायक हमारी नहीं सुनते हैं। अगर समस्या का हल नहीं हुआ तो हम चुनाव में वोट भी नहीं देंगे।
जानकी बाई शर्मा, स्थानीय निवासी?
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अगर हमारी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे। अतिक्रमण हटाकर पानी की समस्या का निराकरण करो, सीवर लाइन की समस्या का निराकरण करो। अब वर्षात हो रही है जल भराव की समस्या के कारण हम रात में सो भी नहीं पा हे हैं। हमारे घर में बुजुर्ग माता पिता है, कहां लेकर जाए। हमने विधायक से लेकर पार्षद तक शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हम बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।
ज्योति पांडे, स्थानीय निवासी






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