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हमारी धरती, जनजीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी: प्रमोद गोयल / Shivpuri News

विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व संध्या पर चित्रकला एवम स्लोगन प्रतियोगिता 10 गांव में आयोजित

शिवपुरी। दुनियाभर के तमाम देश 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाते हैं। इस साल भी पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए भारत समेत कई देशों में 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा इसकी पूर्व संध्या पर शक्ति शाली महिला संगठन एवम ब्रिटानिया न्यूट्रीशन फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से एक साथ मिलकर किशोर किशोरियों के साथ शिवपुरी ब्लॉक के 10 गांव बूढ़ी बरोड़, पटारा, बीलोकला, शीर, नीमदांडा, करई, हिम्मतगढ़, पिपरोनिया, मजहेरा एवम जमोनिया में पर्यावरण के प्रति जागृति लाने के लिए चित्रकला एवम स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की जिसमे की प्रोग्राम संचालक प्रमोद गोयल ने कहा की

पहली बार पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में हुई थी। इस दिन की नींव संयुक्त राष्ट्र संघ ने 5 जून 1972 को रखी थी। इसी के बाद से हर साल लगातार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाने लगा। हमारी धरती, जनजीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है।  विश्व के देश आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं लेकिन इस राह में दिनों दिन दुनियाभर में ऐसी चीजों का इस्तेमाल बढ़ गया है और इस तरह से लोग जीवन जी रहे हैं, जिससे पर्यावरण खतरे में हैं। इंसान और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध है। प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं। ऐसे में प्रकृति के साथ इंसानों को तालमेल बिठाना होता है। लेकिन लगातार वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे कई तरह की समस्याएं बढ़ रही हैं, जो हमारे जनजीवन को तो प्रभावित कर ही रही हैं, साथ ही कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं की भी वजह बन रही हैं। किशोरी बालिका मन्नू आदिवासी ने इस अवसर पर शानदार चित्रकला प्रदर्शित की एवम कहा की सुखी स्वस्थ जीवन के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को पर्यावरण के प्रति सचेत किया जाता है और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए पेड़ो की कटाई रोकी जाए एवम अधिक से अधिक पौधे लगाए जाए।  सलोनी ओझा किशोरी ने कहा की दुनिया में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। इसी बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति पर खतरा बढ़ रहा है। जिसे रोकने के उद्देश्य से पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत हुई, ताकि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए और प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। राहुल ओझा ने कहा की

विश्व पर्यावरण दिवस 2022 की थीम ‘ केवल एक पृथ्वी है। इस थीम के आधार पर ‘प्रकृति के साथ सद्भाव में रहना’ पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बच्चो ने बढ़ चढ़कर प्रतियोगिया में भाग लिया जिनको उपहार देकर पुरुस्कृत किया उनमें हर्षिता ओझा, सलोनी ओझा ,नीरज परिहार ,शिवम परिहार,कविता परिहार , संजना जाटव ,कृष्णा परिहार, रोशनी जाटव, सिंघम जाटव  ,आकाश पाल ,शालू शाक्य ,दुर्गेश रावत, शिवानी , कीर्ति आदि  थे। प्रोग्राम में इन गांव की अगानवाडी कार्यकर्त्ता, सुपोषण सखी, न्यूट्रिशंस चैम्पियंस एवम शक्ति शाली महिला संगठन की टीम से प्रमोद गोयल, साहब सिंह, बबिता, राहुल ओझा, धर्म गिरी, पूजा शर्मा, ललित ओझा, पुरुषोत्तम आदि ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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