-सचिव ने फर्जी खाता लगाकर निकाली राशि
-मामला जनपद पंचायत बदरवास की ग्राम पंचायत धामनटूक का
बदरवास । बदरवास जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धामनटूक में पंचायत सचिव द्वार प्रसूताओं महिलाओं से कागजों में मजदूरी करना दिखाकर और उनके जॉव कार्ड भरकर मनरेगा की मजदूरी अपने स्वयं के दूसरे खाते में डालकर राशि आहरित करने के मामले भी सामने आए हैं। इतना सबकुछ होने के बाद भी जनपद पंचायत के कर्र्ताधर्र्ता आखिर कार ऐसे भ्रष्ट पंचायत सचिव पर क्यों कार्यवाही नहीं कर रहे हैं यह सबसे बड़ा मामला उनके नाम की राशि दूसरे के खाते में डालना आम बात हो गर्ई हैं। यह पंचायत सचिव अन्य पंचायतों में भी वायंगा और बढ़ोखरा में भी भारी मात्रा में फर्जी बाड़ा करने के मामले में चर्चित बना रहा था। आखिर इन चर्चित होने के बाद भी ऐसे भ्रष्ट पंचायत सचिव क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही हैं यह समझ से परे हैं।
ग्राम पंचायत धामनटूक में मनरेगा में फर्जी लेबर भरकर लाखों रुपए की राशि का किस कदर बंदर बांट किया जा रहा हैं, इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने में आया जब मनरेगा के मस्टर रॉलों में डिलीवरी के 6 दिन बाद ही महिला नीता पत्नि संजीव ओझा अपनी पत्नि की डिलवी गुना में 2 अक्टूम्बर 2020 को गुना में करार्ई थी और उसके यहां जुड़वा बच्चे मृत अवस्था में पैदा हुए थे, और 8 अक्टूबर को मनरेगा में काम करना दर्शाया गया हैं। इतना ही नहीं उस महिला को इस बात का पता भी नहीं हैं और उसके खाते में मजदूरी की राशि भी निकाल ली गई। जब इस संबंध में सीईओ सुमनचक्र चौहान से चर्चा की तो उनका कहना था कि मैं इस मामले को दिखवाती हूं, लेकिन पिछले तीन दिन में कोई भी संतुष्टि पूर्वक जवाब भी नहीं दे सकी। जबकि वहीं सरकार प्रसूती अवकाश मजदूरी महिला के लिए छह हफ्ते की अवधि को आठ हफ्ते किया गया है। दो या दो से अधिक बच्चे होने पर महिला को 12 हफ्ते का अवकाश मिलेगा, जिसका लाभ प्रसव की संभावित तिथि से छह हफ्ते पहले से ही उठाया जा सकता है। ऐसी स्थिति जिले के अधिकारी क्या ऐसे दोषी अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाहीं करेंगे।
पंचायत धामनटूक में आज कागजों में काम कर रही हैं 346 लेवर
यहां उल्लेख करना प्रासंगिक होगा की मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत में आज भी कर्टूरटंच, कूप निर्र्माण और फलोदान, सुदूर संपर्क सड़क के कार्य तो पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक के माध्यम से संचालित होना बताया जा रहा हैं और इतना ही नहीं कागजों में 346 मदूरों को मजदूरी करना दर्शाया जा रहा है। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना हैं कि हमें समय पर मजदूरी तो मिलती ही नहीं इसके जबकि पंचायतों में मशीनों से खुले रूप से काम कराया जा रहा है।
पानी के नाम पर भी कर दिया भ्रष्टाचार, फिर भी नागरिक प्यासे
यहां उल्लेख करना होगा कि ग्राम पंचायत में पानी समस्या से निजात दिलाने के नाम पर एक लाख रूप से अधिक की नलकूप में डालने वाली मोटरें खरीदी गई हैं लेकिन फिर गांव के नागरिक आज भी दो से तीन कि.मी दूर से पीने का पानी लाने के लिए विवश बने हुए हैं। जबकि इसी पंचायत में निर्मल नीर कूप निर्माण हरिजन बस्ती धामनटूक में स्वीकृत हुआ था जो कि पंचायत के कर्ताधर्र्ताओं द्वारा रिहायसी बस्ती को छोड़कर बीच जंगल में लालाराम जाटव एवं रामसिंह के खेतों के बीच में आम रास्ते में खोदा हैं जो कि इस समय राहयगीरों को परेशानी का सबब बना हुआ है। जिसका उपयोग भी ग्रामीणजन नहीं ले पा रहे हैं और इसका भी काम आज तक पूरा नहीं हो सका है जबकि इसकी पूरी राशि आहरित कर ली गई हैं। अब देखना यह हैं कि प्रशासन द्वारा इसकी जांच हो जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा।
इन महिलाओं से कराई प्रसव के दूसरे दिन मजदूरी
ग्राम धामनटूक में नीता पत्नी संजीव ओझा जिस की डिलीवरी गुना में 2/10/20 को गुना में हुई थी जुड़वा बच्चे मृत पैदा हुए थे और दिनांक 8/10/20 से मनरेगा में काम शुरू कर दिया। वहीं दूसरी महिला रश्मि पत्नी गोलू धाकड़ इसकी डिलीवरी 13/1/21 को हुई और 14/1/21 से काम शुरू कर दिया और उनकी राशि भी निकाल ली।
पूर्व में निर्माण कार्यों के भ्रष्टाचार को लेकर विधानसभा गूंज चुका हैं मामला
बदरवास जनपद पंचायत की धामनटूक पंचायत में हुए घटिया क्वालिटी को लेकर पूर्व विधायक स्व. रामसिंह यादव ने निर्माण को लेकर विधानसभा में प्रश्न लगाए और इस पंचायत को लेकर भोपाल से शिवपुरी जांच टीम आई और दोषी पंचायत सचिव और सरपंच वैधानिक कार्यवाही की गई थी। अब एक बार फिर पंचायत सचिव ने इसी पंचायत में प्रसव पीड़ा के दूसरे महिला से मजदूरी करना दर्शा दिया गया हैं। अब देखना यह है कि अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।






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