शिवपुरी। साहब…! मैं खेत पर काम कर रही थी उसी समय कुछ लोग आए और जबरदस्ती अपने साथ ले गए। मामले को लेकर पिता ने थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। जहां 4 महीने बीतने के बाद महाराष्ट्र से आरोपितों के चंगुल से छुड़ाया । लेकिन एफआईआर होने के बाद भी पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। यह कहना था भौंती थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी का जो जनसुनवाई में अपने पिता के साथ फरियाद लेकर आई हुई थी।
किशोरी ने बताया कि 2 मार्च को रात के समय बुढानपुर व सिरसौद गांव के 6 लड़के देवीसिंह, शिशुपाल, बहादुरसिंह पुत्र मोलसिंह निवासी बुढानपुर व दीपक, कल्ला, नीरज लोधी सिरसौद आए मैं अपने खेत पर सो रही थी। इन लोगों ने मेरे मुंह बंद कर दिया और कट्टा दिखाकर बोले कि चिल्लाया तो गाली मार देंगे। जिस पर यह मुझे सिरसौद ले आए यहां मुझे 8 दिन रखा। इस दौरान मेरी निगरानी मनीषा पत्नी मनोज, कल्ली, पूजा पत्नी दीपक लोधी व उसकी सास कर रहे थे। यहां से वह मुझे दिनारा ले गए और 3 दिन तक रखा इसके बाद वह मुझे महाराष्ट्र ले गए। यहां के सिरपुर गांव में 75 दिन तक रखा, फिर महाराष्ट्र के देवरी ले गए यहां 15 दिन रखा। इसी दौरान पुलिस आ गई और मुझे आरोपितों के चंगुल से छुड़ाया। आरोपित के चंगुल से छूटने के बाद वह पुलिस थाने आई यहां पुलिस व आरोपितों ने उसे धमकाया कि अगर हमारे पक्ष में बयान नहीं दिए तो मार देंगे। इतना ही नहीं अस्पताल व कोर्ट में भी मुझे माता—पिता से मिलने नहीं दिया। जब गवाही हो गई और मैं अपने माता पिता के पास आई तो घटना के बारे में जानकारी दी। इसलिए मामले में आरोपितों पर कार्रवाई कर गिरफ्तारी की जाए।






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