पिछोर । सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पोषण शक्ति बढ़ाने के लिए मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करने जा रहे हैं, परंतु शिवपुरी जिले के पिछोर में इस योजना के शुभारंभ से पहले ही योजना में भ्रष्टाचार की फफूंद लग गई है। पिछोर में वेयर हाउस से शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को मूंग भेजने से पहले ही बोरियों का वजन बढ़ाने के लिए उनमें पानी डाल दिया गया है। ऐसे में न सिर्फ उचित मूल्य की दुकानों के सेल्समैन नुकसान के दायरे में आ जाएंगे बल्कि कई बच्चों को भी मूंग वजन में कम पहुंचेगी और भीगी हुई मूंग थैले में भरी रखे रहने के कारण उसमें फफूंद लगने की भी आशंका है। विचारणीय पहलू यह है कि इस फफूंद लगी मूंग से आखिर पोषण शक्ति का निर्माण कैसे होगा? पिछोर में मूंग के भीगने का मामला बेहद तूल पकड़ गया है लेकिन जिम्मेदार इस मामले में लापरवाहों पर कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने के प्रयास में लगे हुए हैं।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने किया निरीक्षण, साधा मौन
पिछोर के वेयर हाउस से जिन शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर बच्चों को वितरण किए जाने के लिए मूंग भिजवाई जानी है। उन सभी दुकानदारों का आरोप है कि गोदाम प्रभारी व मूंग का परिवहन करने वाली बालाजी ट्रांसपोर्ट के कर्ताधर्ताओं ने मिलीभगत करते हुए मूंग का वजन बढ़ाने के लिये पानी छिड़काव कर उसे शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर भेजा जा रहा है। इससे एक ओर जहां फिलहाल तो मूंग का वजन बढ़ जाएगा लेकिन कुछ दिन बाद जब यह मूंग सूखेगी तो इसका वजन कम हो जाएगा। उचित मूल्य की दुकानदारों का कहना है कि इस कम हुए वजन की भरपाई करना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा और बाद में उन पर चोरी के आरोप लगाए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर मूंग की गुणवत्ता भी कमजोर हो जाएगी। जब यह मामला तूल पकड़ा तो सोमवार को जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी विपिन पटेल ने पिछोर में वेयर हाउस गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मूंग के कट्टे गीले मिले उन फफूंद की परत जमी हुई दिखी। खास बात यह है कि जब उचित मूल्य की दुकान के कुछ सेल्समैन इस मामले की उनसे शिकायत करने पहुंचे तो उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से गोदाम के कर्ताधर्ताओं का पक्ष रखते हुए सेल्समैनों को फटकार लगाते हुए ऑफिस से बाहर निकाल दिया और कहा कि कहीं कोई मूंग नहीं भीगी है। उन्होंने सेल्समैनों को धमकी दी कि अगर ज्यादा बहस करोगे तो आपको नोटिस देकर दुकान वापिस ले ली जाएगी। वह मीडिया के सवालों का जबाब देने से इंकार कर दिया। जब विपिन पटेल को इस संबंध में फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।






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