विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त द्वारा दिया जा रहा है राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रशिक्षण
शिवपुरी। विद्याभारती मध्यभारत प्रान्त द्वारा आचार्य प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जा रहा है जिसमें प्रतिदिन विषय प्रस्तोताओं द्वारा अपने अपने विषय पर आचार्यों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। गुरूवार को सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान के प्रादेशिक सचिव शिरोमणि दुबे ने जीवन मूल्यों की शिक्षा विषय पर अपने विचारों को रखा। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन विधाता की अनुपम कृति हैं।
जीवन को उत्कृष्टता बनाने वाली शिक्षा ही शिक्षा है मनुष्य और पशु में अन्तर क्या हैं? इसे हमें समझना होगा। संस्कार हीन शिक्षा मनुष्य तो नहीं बना सकती। हम अपने भैया बहिन को ज्ञानवान बनायेगें यही हमने तय नहीं किया ज्ञान समृद्ध बनायेगे। हमारा भैया बहिन का कौशल विकास हो। हम भैया बहिन को रोजगार देना वाला बनाएगे। मेरे लिए देश बड़ा हैं। हम हमेशा देश के लिए जियेंगे। व्यक्तिगत चरित्र, राष्ट्रीय चरित्र दोनों ही एक ही सिक्के के पहलू हैं। अहंकार मनुष्य को पराजित कर देता हैं।
जीवन निर्माण की शिक्षा से हमें धवल चारित्य खड़ा करना हैं। जीवन को बचाने का भाव जीवन मूल्यों की शिक्षा। मनुष्य को सार्थक जीवन,जीवन मूल्यों की शिक्षा से प्राप्त मिलता हैं।अमूल्य जिंदगियों को बचाना ही जीवन मूल्यों की शिक्षा। मेरे पास जो कुछ हैं वह मेरा ही नहीं हैं। सांस्कृतिक जीवन मूल्य होते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ सरस्वती वंदना से किया गया।
इसमें मध्यभारत प्रान्त में विद्याभारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों के 325 आचार्य दीदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आचार्य सामान्य प्रशिक्षण वर्ग, दक्षता वर्ग प्रधानाचार्य विकास वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं इसमें गुरुचरण गौड़ विभाग समन्वयक शिवपुरी, राजेश तिवारी विभाग समन्वयक भोपाल, मुकुट बिहारी शर्मा विभाग समन्वयक ग्वालियर, सुनीता पांडेय क्षेत्रीय बालिका प्रमुख, पवन शर्मा प्रबंधक सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय सहित शिक्षक प्रशिक्षक, प्रशिक्षार्थी आदि उपस्थित रहे।






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