शिवपुरी। शिवपुरी जिला अस्पताल में आज एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। मामले को लेकर महिला के परिजन ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं वहीं डॉक्टरों ने भी परिजनों पर लापरवाही की बात कही है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया लेकिन बाद में आरएमओ की समझाईश के बाद वह बिना किसी शिकायत के प्रसूता के शव को लेकर अपने गांव चले गए।
जानकारी के अनुसार बैराड़ क्षेत्र के ग्राम सतनवाड़ा निवासी रबीना पत्नी शैतान जाटव उम्र 20 साल आठ माह गर्भवती थी। इसी क्रम में 27 अप्रैल को उसकी तबीयत खराब हुई तो उसके स्वजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उसके गर्भ में पानी की कमी बताते हुए उसे ड्रिप लगाईं। इसी दौरान डॉक्टरों ने रबीना के परिवार वालों से कहा कि वह उसका सीजर करवा लें। परिजनों का कहना था कि रबीना को न तो अभी प्रसव पीड़ा हो रही है और न ही समय पूरा हुआ है। ऐसे में अभी सीजर क्यों कराएं? रबीना की सास के अनुसार कमला के अनुसार इस पर डाक्टर गुस्सा हो गए और उन्होंने हमें अस्पताल से बाहर कर दिया। आज सुबह वह रबीना को अंदर लेबर रूम में ले गए कमला के अनुसार वह रबीना के साथ थी, वहां मौजूद स्टाफ ने उससे प्रसव के पहले पैसों की मांग की, तो उसने कहा कि पहले आप अच्छे से डिलेवरी कर दो बाद में पैसे देंगे। कमला का आरोप है कि उन्होंने इसके बाबजूद पहले पैसों की मांग की, पैसे नहीं दिए तो प्रसव में लापरवाही बरती और इसी लापरवाही के कारण रबीना की मौत हुई है। रबीना के परिवार वालों ने तीन घंटे तक अस्पताल में हंगामा किया और स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए रबीना की मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। दोपहर में जब अस्पताल के आरएमओ डॉ संतोष पाठक ने परिजनों को समझाइश दी, जिसके बाद वह शव को वापिस लेकर घर चले गए।






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