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आओ कदम बढ़ाएं, धरती को हरा भरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाऐं:- सुबोध अरोरा / Shivpuri News

पृथ्वी दिवस पर स्कूली बच्चों ने पेण्टिग एवं क्राफ्ट के माध्यम से घरती बचाने का सन्देश दिया

एक सैकड़ा बच्चों को सकोरे देकर पक्षियों की गर्मी में प्यास बुझाने बच्चो को प्रेरित किया:- रवि गोयल

शिवपुरी। पृथ्वी सभी जीवों के लिए जीवनदायिनी है। जीवन जीने के लिए जिन प्राकृतिक संसाधनों की जरूरत एक पेड़, एक जानवर या फिर एक इंसान को होती है, पृथ्वी वह सब हमें प्रदान करती है। हालांकि वक्त के साथ सभी जरूरी प्राकृतिक संसाधनों का दोहन इस कदर हो रहा है कि समय से पहले की सभी संसाधन खत्म हो सकते हैं। यह कहना था ईस्टर्न हाईट पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर सुबोध अरोरा का जो कि विश्व धरती दिवस पर शक्तिशाली महिला संगठन शिवपुरी

एवं ईस्टर्न हाईट पब्लिक स्कूल हुस्न टेकरी द्वारा संयुक्त रुप से आयोजित कार्यक्रम में बच्चो को सबोंधित करते हुए बोल रहे थे उन्होने कहा कि आज स्कूल परिसर एवं संस्था द्वारा धरती दिवस पर पर्यावरण को सहजने एवं धरती को बचाने के लिए बच्चों के साथ पेण्टिंग क्राफ्ट प्रतियोगिता रखी जिसमें कि एक सैकड़ा बच्चों ने धरती को बचाने के सन्देश दिया बच्चों ने वेस्ट मटेरियल से बेस्ट पोडक्टस बनाकर लाए और बच्चो ने सन्देश दिया कि प्लास्टिक का उपयोग न करें

। कार्यक्रम संयोजक शक्तिशाली महिला संगठन रवि गोयल ने कहा कि दुनिया आज वर्ल्ड अर्थ डे  मना रही है। धरती पर रहने वाले तमाम जीव.जंतुओं और पेड़.पौधों को बचाने तथा दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लक्ष्य के साथ 22 अप्रैल के दिन पृथ्वी दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी। 1970 में शुरू की गई इस परंपरा को दुनिया ने खुले दिल से अपनाया और आज लगभग पूरी दुनिया में प्रति वर्ष पृथ्वी दिवस के मौके पर धरती को हरा भरा बनाए रखने और हर तरह के जीव.जंतुओं को पृथ्वी पर उनके हिस्से का स्थान और अधिकार देने का संकल्प लिया जाता है। आज  स्कूल परिसर के नन्है नन्है बच्चों ने बड़ो को भी यह सीख दी है कि हमको अब सोचना ही होगा कि अगर अभी भी हमने प्लास्टिक, एवं धरती को नुकसान पहुचाने वाले अन्य हानिकारक वस्तुओ का त्याग नही किया तो हमारी धरती को  कोई नही बचा सकता इसी उददेश्य के लिए बच्चो को पक्षियों के लिए भीषण गर्मी से बचाव के लिए 100 मिटटी के सकोरे आज वितरित किए जिससे कि ये बच्चे अपने घरो की बालकनी पर ठण्डा पानी इन सकोरो में रखकर पक्षियों की प्यास बुझाऐगें और उनकी जान बचाए जिससे धरती हमारी सुरक्षित रहे  इसके साथ आज प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 10 नन्ही मुन्हे बच्चों को विधालय के डायरेक्टर सुबोध अरोरा एवं रवि गोयल ने उपहार देकर उनको प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में रवि गोयल ने बच्चो को बताया कि प्रकृति प्रदत्त चीजों का संरक्षण करने की आवश्यकता है।

 

इस आवश्यकता के बारे में सभी को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवसश् मनाया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि पृथ्वी दिवस को मनाने की शुरुआत किसने की और कब व क्यों की भारत समेत लगभग 195 से ज्यादा देश पृथ्वी दिवस मनाते हैं।अर्थ डे को मनाने की शुरुआत 1970 में हुई थी। सबसे पहले अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने पर्यावरण की शिक्षा के तौर पर इस दिन की शुरुआत की थी। एक साल पहले 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव की वजह से त्रासदी हो गई थी।

इस हादसे में कई लोग आहत हुए और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने का फैसला किया। इसके बाद नेल्सन के आह्वान पर 22 अप्रैल को लगभग दो करोड़ अमेरिकियों ने पृथ्वी दिवस के पहले आयोजन में हिस्सा लिया था।साल 1970 से हर साल पृथ्वी दिवस मनाया जाने लगा। हर साल पृथ्वी दिवस के लिए एक खास थीम रखी जाती है। पृथ्वी दिवस 2022 की थीम इन्वेस्ट इन अवर प्लानेट  है।  कार्यक्रम में ईस्टर्न हाईट पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर सुबोध अरोरा, रवि गोयल, स्कूल प्रशासन, स्कूल का समस्त स्टाॅफ के साथ एक सैकड़ा बच्चो ने भाग लिया।

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