आजाक विभाग का बाबू 80 हज़ार लेते गिरफ्तार
शिवपुरी। लोकायुक्त टीम ने आदिम जाति कल्याण विभाग के बाबू को 80 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। जिले में लोकायुक्त ने बड़ी कार्यवाही शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट सीनियर बालक छात्रावास के अधीक्षक हेमराज सहरिया की शिकायत पर की।
लोकायुक्त टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक हेमराज सहरिया छात्रावास अधीक्षक पोहरी से अवधेश शर्मा बाबू आदिमजाति कल्याण विभाग शिवपुरी द्वारा जिला संयोजक के नाम पर छात्रावास के छात्रों की छात्रवृत्ति 4 लाख रुपए का 20 प्रतिशत कमीशन के रूप में 80 हजार मांग की जा रही थी।
इस बात की सूचना आवेदक ने लोकायुक्त से की थी। इसके बाद टीम ने मामले की जांच की और योजना बनाकर बाबू अवधेश को राशि देने का दिन मंगलवार तय किया।जैसे ही अवधेश ने रिश्वत के 80 हजार रुपए लिए टीम ने उसे दबोच लिया।
कमज़ोर साक्ष्यों के साथ जिला संयोजक भी आरोपी बनाए
लोकायुक्त टीम ने जब बाबू अवधेश को रंगे हाथों दबोचा तब जिला संयोजक आर एस परिहार मंगलवार को नियमित चलने वाली जनसुनवाई में बैठे हुए थे। बाबू को पकड़ने के बाद लोकायुक्त टीम जनसुनवाई के बीच से परिहार को उठा ले आई और उनके हाथ भी धुलवाए पर परिहार के हाथों से रंग नही निकला। ख़बर है कि टीम ने 2-3 बार परिहार के हाथ धुलवाए किंतु रंग फिर भी नही निकला।जब लोकायुक्त टीम से मीडिया ने पूछा कि जिला संयोजक परिहार को आखिर चलती जनसुनवाई से उठा कर क्यों लाया गया तो टीम का जवाब था कि बाबू अवधेश की ऑडियो रिकार्डिंग में परिहार का नाम भी लिया गया है। जब मामले की तह में जाने की कोशिश की गई तो एक और आश्चर्यजनक तथ्य सामने आया कि जिस प्रकरण में रिश्वतखोरी का आरोप लगाया जा रहा है,वह फाइल तो विभाग से 16 मार्च को ही वरिष्ठ कार्यालय भेजी जा चुकी है।
सीसीटीव्ही लगवाए थे.. षड्यंत्र का अंदेशा था…?
जिला संयोजक परिहार ने कुछ दिनों पहले ही विभाग में सीसी टीव्ही कैमरे लगवाये थे। आखिर क्या वजह थी कि अचानक उन्हें कैमरे लगवाने की ज़रूरत महसूस हुई। इस उत्सुकता के निराकरण के लिए हमने जब परिहार से बात की तो उन्होंने इस बात का इशारा किया कि उन्हें किसी षड्यंत्र की भनक थी। पूर्व में भी इस तरह के प्रयास किये गए थे,इसीलिये सतर्कतावश उन्होंने सीसी टीव्ही कैमरे लगवाये थे। कौन षड्यंत्र रच रहा है…?इस प्रश्न पर वे चुप्पी साध गए।






Be First to Comment