शिवपुरी। विशेष न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में अपनी ही बेटियों को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले पिता को 21 साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक कल्पना गुप्ता ने की।
अभियोजन के अनुसार 14 अक्टूबर 2020 को पीड़िता ने थाने आकर शिकायत दर्ज कराई कि 12 अक्टूबर की रात जब वह आंगन में छोटे भाई के साथ सो रही थी, तभी रात करीब एक बजे उसके पिता हरदास ने अपनी घटिया उसके पास लगा ली, और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। पीड़िता के अनुसार पिता की हरकत से तंग आकर वह वह उठ कर अपनी मां के पास घर के अंदर चली गई और उसके साथ सो गई। सुबह उसने अपनी मां को सारा घटनाक्रम बताया। छोटी बहन की शिकायत को देख उसकी बड़ी बहन ने भी मां को बताया कि करीब एक साल पहले जब वह मामा के घर गई थीं तब पिता हरदास ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद पिता ने बेटी को धमकी भी दी कि अगर उसने यह बात किसी को भी बताई तो वह उसे जान से मार देगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना उपरांत न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों एवं साक्ष्यों पर विचारण उपरांत न्यायाधीश ने हरदास को 21 साल के सश्रम कारावास एवं 9 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।






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