शिवपुरी। पिछले 13 दिन से यूक्रेन में फंसे हुए शिवपुरी के मेडिकल छात्र मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे दिल्ली पहुंच गए। वहां से वह शिवपुरी रवाना हो गए हैं और देर रात तक शिवपुरी आने की उम्मीद है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन का इतना भीषण मंजर किसी को देखने ना मिले। हम यहां सुरक्षित आ गए इसके लिए सरकार को धन्यवाद लेकिन हमें वह मेडिकल में प्रवेश दिलाने का भी इंतजाम करें, ताकि हम आगे की पढ़ाई यही कर सकें हमें यूक्रेन ना जाना पड़े।
ग्वालियर बायपास के पास रहने वाले जेलर विजय एस मौर्य के बेटे हिमांशु राज मौर्य 22 साल आज शिवपुरी पहुंच गए यहां वापस आने पर उनका घर वालों ने ढोल—नगाड़ों के साथ स्वागत किया। बेटे की वापसी पर मां, पिता व भाई की आंखों में आंसू आ गए और वह खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। हिमांशु ने बताया बताया कि अब से 6 महीने पहले वह मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गए थे। जहां अचानक हुए रूस के हमले से वहां के हालात बिगड़ गए और नौबत यहां तक आ गई कि उन्हें न केवल 40 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा वरन खाने-पीने तक के लाले पड़ गए।
हमला होने के बाद जब वह कॉलेज के बंकर में छुपे तब कुछ खाद्य सामग्री भी उनके साथ थी लेकिन वह भी जल्द खत्म हो गई। इसके बाद जैसे- तैसे नमकीन खाकर दिन गुजारे। लेकिन बाहर नहीं निकल सकते थे अंततः हिम्मत कर हम 1064 छात्र जब वहां से निकलकर हंगरी आने पैदल स्टेशन पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। वहां से 40 किलोमीटर पैदल चलकर साईंकोटिया आए। जहां से वह रोमानिया पहुंचे। रोमानिया से वह प्लेन से मंगलवार सुबह 7 बजे दिल्ली पहुंचे जहां स्थानीय कैबिनेट मिनिस्टर ने उनका स्वागत किया।
मां ने दिया सबका धन्यवाद
हिमांशु की मां ने बेटे की वापसी पर सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने मीडिया सहित देश के नेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा सही सलामत घर आ गया है इसकी सबसे ज्यादा खुशी है। उनका 10 दिन से रो—रोकर बुरा हाल था। अब उन्हें बहुत खुशी हो रही है।






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