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अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व सध्या पर 100 महिलाओं को पौधा, उपहार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया / Shivpuri News

महिलाऐं  अपनी सेहत पर ध्यान दें पौष्टिक आहार लें क्योकि शहरी क्षेत्र की महिलाओं में भी अनिमिया की समस्या ज्यादा है:- अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा

1 सैकड़ा महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरुक किया एवं महिला दिवस पर पूरे सप्ताह इसकी जांच निशुल्क उपलब्ध कराएगी:- डॉ. उमा जैन वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ

शिवपुरी।  महिलाएं समाज का एक अहम हिस्सा हैं लेकिन वक्त के साथ महिलाएं समाज और राष्ट्र के निर्माण का एक अहम हिस्सा बन चुकी हैं। घर परिवार से सीमित रहने वाली महिलाएं जब चारदीवारी से बाहर निकल अन्य क्षेत्रों की ओर बढ़ी तो उन्हें अभूतपूर्व सफलता मिलने लगी। खेल जगत से लेकर मनोरंजन तक और राजनीति से लेकर सैन्य व रक्षा मंत्रालय तक में महिलाएं न केवल शामिल हैं बल्कि बड़ी भूमिकाओं में हैं।महिलाओं को अपने खान पान में पौष्टिक भोजन लेने की बहुत आवश्यकता है क्योकि शहरी क्षेत्र की महिलाओं में भी अनिमिया की समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती है इसीलिए अपनी सेहत पर महिलाओं को ध्यान देने की ज्यादा जरुरत है यह कहना था अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व संध्या पर आयोजित महिला सम्मान सह संबाद समारोह कार्यकम में मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश श्रीमती सिद्धि मिश्रा का। अधिक जानकारी देते हुए कार्यक्रम संयोजक रवि गोयल ने कहा कि हर साल 8 मार्च को दुनिया के तमाम देशों में महिला दिवस के मौके पर अनेक रोचक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है इसी के तहत महिला दिवस के पूर्व संध्या पर महिलाओं के स्वास्थ्य , पोषण के लिए धरातल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं के सम्मान के लिए साथ ही सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागृति लाने के उददेश्य से शक्तिशाली महिला संगठन , विट्रानिया न्यूट्रीशन फाउण्डेशन एवं अरिहन्त पैथोलोजी एवं अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर शिवपुरी ने संयुक्त रूप से मिलकर अरिहन्त पैथोलोजी के परिसर में स्थित हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें कि सीएमएचओ डॉ. पवन जैन ने कहा कि  इस बार महिला दिवस की थीम एक स्थाई कल के लिए आज लैगिक समानता है देखने में आता है की महिलाओं में 100 मे से 60 महिलाए अनिमिया से ग्रसित है जो कि चिन्ताजन है क्योकि सवसे बड़ी काया निरोगी काया इस दिशा में हमको अपने खानपान की आदत में पौष्टिक भोजन को शामिल करना चाहिए और लोहे की कढ़ाई का प्रयोग करना चाहिए एवं सब्जियों को एवं चने को खानपान में शामिल करना चाहिए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डीपीओ देवेन्द्र सुन्दरयाल ने कहा कि महिलाओं की  भागीदारी को बढ़ाने और अपने अधिकारों से अनजान महिलाओं को जागरूक करने व उनके जीवन में सुधार करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है महिलाएं अधिकार अगर नही मिले तो उनको छीने ये आपका हक है। कार्यक्रम मे डा0 उमा जैन ने एक सैकड़ा महिलाओं को जो कि मैदानी स्तर पर जागृति लाने का कार्य कर रही है उनको महिलाओं में दिन प्रदिदिन बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के बारे में पीपीटी के माध्यम से प्रजेन्टेशन दिया उन्होने कहा कि मासिक धर्म के बीच असामान्य रक्त स्राव का होना भी सरवाइकल केंसर का लक्षण हो सकता है इसके लिए मैदानी क्षेत्र में कार्य कर रही इन सभी महिलाओ को हम पूरे सप्ताह सर्वाइकल कैसर की स्क्रीनिंग एवं परामर्श फ्री में करेगें। उन्होने कहा कि 9 साल से लेकर 14 साल तक की बालिकाओं को इससे बचने का टीका उपलब्ध है जिसको कि अवश्य लगवाना चाहिए एवं सर्वाइकल कैंसर से बचना चाहिए कार्यक्रम मे उपस्थित मैदानी अमले ने अपनी शंकाओं एवं जिज्ञासाओं को शान्त किया। कार्यक्रम में डा दिलिप जैन  ने कहा कि महिला दिवस को मनाने  शुरुआत 1908 में एक मजदूर आंदोलन हुआ थाए जिसमें बड़ी संख्या में कामकाजी महिलाएं शामिल हुई थीं। करीब 15 हजार महिलाओं ने न्यूयॉर्क की सड़कों पर मार्च करते हुए अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाई थी। अपने अधिकारों को लेकर इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की बुलंद आवाज  तत्कालीन सरकार के कानों में पड़ी तो इसी वजह से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत हो गई। बाद में 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दे दी। कार्यक्रम में एक मिनट की सुपोषण सखी की डाक्यूूमेन्ट्री का विमोचन भी किया जिसमें कि सुपोषण सखी समुदाय में बदलाव के लिए कैसे मैदानी अमले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। साथ ही महिला सशक्तिकरण की एक फिल्म का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में शिवपुरी जिले में उल्लेखनिय कार्य करने वाली 100 महिलालाअें को मुख्य अतिथि श्रीमती सिद्धि मिश्रा, विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन जैन, देवेन्द्र सुन्दिरयाल,  डॉ. दिलीप जैन,  रवि गोयल एवं डॉ. उमा जैन ने संयुक्त रुप से एक पौधे का गमला, उपहार एवं प्रमाण पत्र देकर मातृ शक्ति को नमन किया कार्यक्रम में सम्मानित महिलाओं में परियोजना अधिकारी नीलम पटेरिया, एनआरएलएम की तृप्तिराय, श्रीमती हेमलता चैधरी एवं दूर दराज के गांव से आयी 35 सुपेाषण सखी जिनमें कमलेश जाटव, नर्मदा शाक्य, गौसा जाटव, ललिता आदिवासी, 35 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 24 आशा कार्यकर्ता, 2 एएनएम, परामर्श दात्री शिवांगी जैन को सम्मानित किया ये सभी महिलाओं ने स्वास्थ्य एवं पोषण की दिशा में दूर दराज के गांव से लेकर अति पिछड़े शहरी क्षेत्र तक में उल्लेखनीय कार्य किया है। कार्यक्रम का सफल संचालन हेमलता चौधरी ने किया एवं आभार व्यक्त रवि गोयल ने किया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पौधा देकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शक्तिशाली महिला संगठन की पूरी टीम,  डॉ. पवन जैन, देवेन्द्र सुन्दरियाल, अरिहन्त पैथोलाजी का पूरा स्टाफ, सुपेाषण सखी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा एवं सहायिकाओं ने भाग लिया।

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