शिवपुरी। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी नसरत अली ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी को आवेदन देकर अपनी पत्नी अंजली गुहरैया उर्फ आफरीन बेगम और नाबालिग बेटी अलीजा की सकुशल बरामदगी, बेटी के नाम एवं अभिभावकों के नाम में कथित बदलाव की जांच तथा पूर्व में दिए गए आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की है।
पीड़ित के अनुसार, नसरत अली का विवाह वर्ष 2016 में अंजली गुहरैया से हुआ था और उनके दो पुत्र तथा एक पुत्री अलीजा हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2024 में उनकी पत्नी मुंबई से नाबालिग बेटी को लेकर शिवपुरी आ गई, जबकि दोनों बेटे उनके पास ही रह गए। जब वह शिवपुरी पहुंचे तो पत्नी के परिजनों ने बेटी से मिलने नहीं दिया और जान से मारने की धमकी देकर वापस भेज दिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 20 जून 2024 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही यह भी दावा किया गया है कि उनकी बेटी का नाम अलीजा से बदलकर “आश्या गुहरैया” कर दिया गया और कथित रूप से नाना-नानी को अभिभावक दर्शाकर शिवपुरी के एक स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। प्रार्थी ने इस संबंध में स्कूल, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में पत्नी के संबंध में कुछ गंभीर आशंकाएं भी व्यक्त की गई हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही पत्नी के परिजनों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
पीड़ित ने एसपी से पूर्व आवेदन की समीक्षा, पत्नी और नाबालिग बेटी की सकुशल बरामदगी, दस्तावेजों की जांच तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाए तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है।








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