
शिवपुरी। खबर जिले के पोहरी अनुविभाग से हैं। जहाँ गर्मी आते ही झोलाछाप डॉक्टरों की सजी दुकानें, लोगों की जान से कर रहे खिलवाड़,एक सीजन में करते है लाखों के वारे न्यारे।
तमाम दावों के बावजूद पोहरी में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता में किसी तरह की कमी नहीं हुई है। झोलाछाप डॉक्टर इलाज के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ तो कर ही रहे हैं, फर्जी डिग्री का सहारा लेकर गली-मोहल्लों में लोगों का सस्ता इलाज कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टर को कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके द्वारा दी जा रही दवा से लोगों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा। इस प्रकार के झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने में जरा भी नहीं हिचकते। यहां तक की छोटे-मोटे ऑपरेशन तक कर डालते हैं। इन झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में गरीब ही फंसते हैं जिनके पास बड़े डॉक्टरों की फीस व महंगी दवाई के लिए राशि नहीं होती है।
नगर सहित ग्रामीण अंचल में झोलाछाप डॉक्टर अपनी अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। क्षेत्र की नहीं मात्र अगर पोहरी कस्बे की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम नाम मात्र की औपचारिकता भी नहीं करती है। यह बात झोलाछाप डॉक्टर भली भांति जानते हैं। यही कारण है कि उन्हें किसी तरह का खौफ नहीं है। पोहरी में बैराड़ रोड, बस स्टैण्ड रोड, मेन मार्केट समेत तीन दर्जनों गांव और चौराहों पर ये डॉक्टर सक्रिय हैं।
नहीं होती बड़ी कार्रवाई , सक्रिय है झोलाछाप डॉक्टर
इन झोलाछाप डॉक्टरों व मेडिकल संचालकों के खिलाफ कभी-कभार अभियान चलाया जाता है। जमीनी स्तर पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद है। किसी भी तरह की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की कोई सुनवाई नहीं है। मरीजों से हजारों रुपया ऐंठ लेते हैं परेशान मरीजों का हाल है कि कई किसान जरूरत के लिए रखे पैसों को कथित मेडिकल संचालकों व डॉक्टरों की फीस अदा करते हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इन झोलाछाप डॉक्टरों को इलाज करने की इजाजत नहीं देता। इनका काम पूरी तरह अवैध है फिर भी दवाएं लिखने से लेकर बड़ी बीमारी तक का इलाज तक करते हैं।
ये है नियम
इंडियन मेडिकल कौंसिल एक्ट की धारा उपबंधों के तहत वह व्यक्ति एलोपैथिक पद्घति से इलाज कर सकता है। जिसका नाम आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1935 की धारा 11 के अंतर्गत संचालित राज्य के चिकित्सा रजिस्टर में अंकित हो। ऐसा ना होने पर कानून के मुताबिक ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों व मेडिकल संचालकों को कारावास का प्रावधान है।
जब मीडिया के द्वारा झोलाछाप डॉक्टर से बात की गई तो स्थानीय विधायक का नाम डॉक्टर की बातों बातों में सामने आया इस संबंध में हमारी टीम द्वारा स्थानीय विधायक से बात की गई।
इनका कहना हैं
मेरे पास आरएमपी की डिग्री हैं लेकिन जब मीडिया टीम द्वारा पूछा गया कि डिग्री दिखाओ तो डॉ साहब के पास दिखाने को कोई डिग्री नही थी। ओर न ही क्लीनिक में कोई डिग्री चस्पा थी
दिनेश कुमार धाकड़
क्लीनिक संचालक
पोहरी
इनका कहना हैं
मुझे इस बारे में कुछ भी नही पता में प्रैक्टिस थोड़ी करता हूं और मेरा इसमे उन लोगों को कोई संरक्षण नही हैं कोई भी मेरा नाम ले तो इसका मतलब ये नही है कि मेरा उनको संरक्षण है।
सुरेश राठखेड़ा
पोहरी विधायक
इनका कहना हैं
आपके द्वारा मामला संज्ञाम में आया है कल जांच कर फ़र्ज़ी क्लीनिक को सील किया जाएगा
डॉ सुनील गुप्ता
बीएमओ
पोहरी
इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञाम में आया हैं जल्द ही इन डॉक्टर पर छापामार कार्यवाही की जाएगी
डॉ ए एल शर्मा
जिला स्वास्थ्य अधिकारी
शिवपुरी






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