- ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रहे सदन में पूर्व पार्षद कार्यकताओं के साथ जबरन घुसे
- महापौर, सांसद, विधायक और पार्षदाें के साथ एफआईआर दर्ज कराने लसुड़िया थाने पहुंची
- ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रहे सदन में पूर्व पार्षद कार्यकताओं के साथ जबरन घुसे
- महापौर, सांसद, विधायक और पार्षदाें के साथ एफआईआर दर्ज कराने लसुड़िया थाने पहुंची
इंदौर. ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को बजट पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा और धक्का-मुक्की हुई। पानी की समस्या को लेकर यहां पहुंचे पूर्व पार्षद और वर्तमान पार्षद पति ने पहले परिसर में हंमागा कर कार्यकर्ताओं से नोरबाजी की। इसके बाद बजट सत्र शुरू हुआ तो 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ जबरन सदन में घुस गए और रोकने पर हाथापाई पर उतर आए। हंगामे के बाद महापौर, सांसद, विधायक और भाजपा पार्षदों ने लसुड़िया थाने पहुंचकर धरना दिया और एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
महापौर मालिनी गौड ने बुधवार को इंदौर नगर निगम में अपना पांचवा और आखिरी बजट पेश किया था। इस बजट को गुरुवार को चर्चा के बाद पारित किया जाना था। बजट पर चर्चा के लिए सभी पार्षद और एमआईसी सदस्य सदन पहुंचे थे। इसके पहले पानी की समस्या को लेकर सुबह से ही पूर्व पार्षद और वर्तमान पार्षद पति चिंटू चौकसे 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के साथ यहां पहुंचकर हंगामा कर रहे थे। वे निगम के साथ ही नर्मदा प्रोजेक्ट के अधीक्षण यंत्री हरभजन सिंह के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
बजट पर जैसे ही चर्चा शुरू हुई चौकसे अपने सभी कार्यकर्ताओं के साथ जबरन सदन में घुस गए और मना करने पर मारपीट करने पर उतारू हो गए। सभापति के मना करने के बाद भी वे भाजपा और निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपशब्द का प्रयोग करते रहे। मामला बिगड़ता देख पार्षद सुधीर देड़गे कार्यकर्ताओं को बाहर जाने का कहने लगे तो उनके साथ हाथापाई की गई। करीब आधे घंटे तक सदन में हंगामा होता रहा। निगम के बजट सत्र में हंगामा करने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का कहना था कि निगम शहर को पानी नहीं दे पा रहा है और यहां लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। आपत्ति के बाद सभी को वहां से हटाया गया। इस बीच काफी देर तक भाजपा और कांग्रेस के पार्षद आमने-सामने आकर नारेबाजी करते रहे।
महापौर ने दर्ज करवाई एफआईआर
महापौर ने कहा कि हमने सत्र के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वे कांग्रेस सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। सैकड़ों कांग्रेसी सदन में घुस आए और भाजपा के पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के साथ हाथापाई की है। उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया है। इसलिए लसुड़िया थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
महापौर ने कहा कि हमने सत्र के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वे कांग्रेस सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। सैकड़ों कांग्रेसी सदन में घुस आए और भाजपा के पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के साथ हाथापाई की है। उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया है। इसलिए लसुड़िया थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्र हार्डिया ने कांग्रेसियों के इस प्रकार के प्रदर्शन को इतिहास का काला दिवस बताते हुए कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक है। बीच सदन में घुसकर एमआईसी सदस्याें और भाजपा पार्षदों के साथ ऐसा व्यवहार कांग्रेस की गुंडागर्दी को दर्शाता है।
वहीं सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि सदन में जो हुआ वह बहुत ही शर्मनाक है। सभी को सदन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। इसी सदन में लंबे समय तक काम करने के बाद मैं उपरी सदन में पहुंचा हूं। एक पार्षद को यदि कोई समस्या है तो निगम या अन्य स्थान पर प्रदर्शन कर सकता है, लेकिन बजट सत्र के दौरान इन प्रकार की कांग्रेसियों की हरकत बहुत ही निंदनीय है।
सभापति अजय सिंह नरूका ने कहा – वर्तमान पार्षद पति द्वारा जिस प्रकार का प्रदर्शन किया गया वह बहुत ही शर्मनाक है। हम इस मामले में कार्रवाई करेंगे। सबसे दुख की बात ये है कि सदन में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया। अपशब्दता से भरे नारे लगाए गए।





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