
शिवपुरी। सरकार लोगों का स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च तमाम योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन शासन के नुमाइंदों द्वारा फर्जीवाड़ा का शासन की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है। इसी तरह का मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मनपुरा में देखने को मिला। स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए आई एक महिला लक्ष्मी एवं उसके पति अवधेश केवट ने आरोप लगाया कि न तो उनका पर्चा बनाया और न ही उन्हें अस्पताल से दवाएं दी गई। हमें बाहर की मेडीकल से दवा लाने के लिए कहा गया।
लक्ष्मी ने बताया कि वह वह गर्भवती है और पिछले दिनों स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए आई तो उसे एक इंजेक्शन लगाया जिसके कुछ दिन उसके पैर में सूजन आ गई इसके कारण वह फिर से अस्पताल में आई। इस दौरान मुझे से बाहर से दवा लाने के लिए कहा गया। यहां बता दें कि यह इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है जब स्वास्थ्य केन्द्र से मरीजों को बाहर की मेडीकलों से दवा के लिए कहा गया। सूत्रों की मानें तो डॉक्टर द्वारा प्रतिदिन बाहर मेडीकल से दवा लाने के लिए पर्ची लिखी जाती है। इस संबंध में जब सीएमएचओ श्री शर्मा से मोबाइल के माध्यम से संपर्क करना चाहा तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
नि:शुल्क दवा की सुविधा फिर भी मरीज परेशान
यहां बता दें कि शासन की योजना के तहत अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को नि:शुल्क दवाएं दी जाती हैं, लेकिन मनपुरा स्वास्थ्य केन्द्र में बाहर से दवा लाने के लिए पर्ची लिखी जाती है तो फिर सवाल यह उठता है कि स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाली दवाओं का स्वास्थ्य केन्द्र प्रबंधक क्या करता है, यह सोचनीय पहलू है।






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