शिवपुरी।स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो चुकी हैं। लेकिन नगरीय निकायों द्वारा व्यापक स्तर से गतिविधियां संचालित नहीं की जा रहीं।
नगर पालिका शिवपुरी सहित जिले की सभी नगर परिषदों द्वारा अभी तक गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकी है। जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण में यह प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसके अलावा नगरीय निकायों ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए अपनी तरफ से रेटिंग भी तय नहीं की है। सभी परिषदों का विशेष सम्मेलन बुलाना है, जिसे लेकर अभी तक अनुमोदन कराने की कार्रवाई भी नहीं हुई है। सर्वेक्षण के लिए वार्डों का ओडीएफ भी होना जरूरी है।लेकिन निचली बस्तियों में लोग अभी भी खुले में शौच करने जा रहे हैं। नगर पालिका इस पर अभी तक लगाम नहीं लगा सकी है। जनभागीदारी से अभियान भी नहीं चलाए जा रहे। इसके अलावा सूखे व गीले कचरे को अलग अलग कर परिवहन आदी की व्यवस्था भी नहीं है। गीले कचरे से कंपोस्ट बनाने के लिए ट्रेचिंग ग्राउंड के अलावा कम से कम 5 फीसदी परिवारों को मटका खाद बनाने के लिए प्रोत्साहन का भी प्रयास नहीं हुआ है। बता दें कि सर्वेक्षण के लिए 4 जनवरी के बाद सर्वेक्षण दल कभी भी आ सकता है।






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