गंभीर रोगों के मरीज इलाज के लिए जा रहे बाहर
शिवपुरी।जिले में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर हैं। जिला अस्पताल बदहाली का दंश झेल रहे हैं, साथ ही यहां आने वाले मरीजों को न तो उपचार मिल पा रहा है और न ही उनकी जांचे हो पा रही हैं। इसके चलते लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में न तो डॉक्टर हैं और न ही मरीजों को उपचा मिल पा रहा है, जिसके नतीजे मे मरीज बाहर जाकर इलाज कराने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि साल की शुरूआत में ताले में कैद आईसीयू के खुलने की उम्मीद जताई जा रही थीं, लेकिन साल के अंत में भी आईसीयू की शुरूआत नहीं हुई है और लोगों को आने वाले साल से उम्मीद हैं कि इस साल जिला अस्पताल का आईसीयू शुरू हो, जिससे लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
हृदय रोगी मरीजों की सबसे ज्यादा परेशानी
शिवपुरी जिला अस्पताल का आईसीयू बंद होने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को हो रही है। उन्हें यहां उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसके नतीजे में मरीजों को इलाज के लिए ग्वालियर, इंदौर, भोपाल व झांसी जाना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो तो मरीजों को उसका लाभ मिल सकेगा।
मेटरनिटी विंग में मरीजों की भरमार
जिला अस्पताल की मेटरनिटी विंग में भी मरीजों की भरमार है और मरीजों को यहां उपचार तक नहीं मिल पा रहा है जिसके नतीजे में मरीज निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। मेटरनिटी विंग में आलम यह है कि यहां कई प्रसूताओं के पास तो पलंग तक नहीं हैं नतीजे में वे नीचे लेटने को मजबूर हैं। इसके पीछे कारण है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव के लिए कोई सुविधा नहीं हैं इसलिए जिला अस्पताल में प्रसव के लिए हर दिन महिलाएं आती हैं, जिससे यहां मरीजों की भीड देखी जाती है।
कई मशीनें खराब न हो रही जांच ने एक्सरे
जिला अस्पताल में मरीजों की जांच की कई मशीनें खराब हैं। वहीं कई मरीजों के एक्सरे भी नहीं हो पा रहे हैं, जिससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को जांचें व एक्सरे बाहर से ही कराने पड़ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि जिला अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के लिए यहां स्टाफ व मशीनरी भी होनी चाहिए, तभी मरीजों को समुचित उपचार मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेज भी नहीं हुआ शुरू
जिला अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर करने के लिए शिवपुरी मे मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है और यहां कुछ स्टाफ की भर्ती भी की गई हैं, लेकिन अभी भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मरीजों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज शुरू हो मरीजों को उपचार मिल सकेगा। नए साल से लोगों को यही उम्मीद है कि जल्द मेडिकल कॉलेज तैयार हो और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।






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