दुखद खबर-दिल का दौरा पड़ने से वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक का निधन

Senior journalist Kalpesh Yagnik dies after heart attack

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कल्पेश याग्निक नहीं रहे। गुरुवार रात करीब साढ़े 10 बजे दफ्तर में काम के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा। तत्काल उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया। करीब साढ़े तीन घंटे तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक इलाज के दौरान ही उन्हें दिल का दूसरा दौरा पड़ा।

रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कल्पेश याग्निक लंबे समय से एक हिंदी दैनिक अखबार के समूह संपादक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।  वे 55 वर्ष के थे NNR (नेशनल न्यूज़ रूम) में खबरों की हेडिंग, फोटो, शब्द चयन, पेज ले लाउट पर कल्पेश जी का खासा जोर रहता था। अखबार का बेहतरीन ले आउट प्रदर्शन, हेडिंग, संडे पेज, फीफा सहित दूसरे स्पोर्ट्स इवेंट्स का फुल पेज कवरेज उन्हीं की देन है। भोपाल से NNR इंदौर शिफ्ट हो जाने के बाद वे इंदौर में ही रह रहे थे।  ब्लॉग, स्तंभकार के रूप में आपकी निष्पक्ष, धारदार, कटाक्ष लेखनी सरकार को नई दिशा व समाज को प्रेरणा देती थी…हर शनिवार दैनिक भास्कर के अंक में प्रकाशित होने वाला उनका कॉलम असंभव के विरुद्ध देशभर में चर्चित था। वे 1998 में दैनिक भास्कर समूह से जुड़े, हिंदी पत्रकारिता की इस अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती, सादर श्रद्धांजलि।

संबंधित खबरें