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छत्री जैन मंदिर विधान में शामिल हुई कैबीनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया

शिवपुरी- छत्री जैन मंदिर पर चल रहे श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ में आज प्रदेश सरकार की कैबीनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शामिल हुई। उन्होंने उत्साहपूर्वक धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने उद्बोधन में कहा कि धार्मिक संस्कार मुझे हमेशा अच्छा कार्य करने की प्रेरणा देते है और इसी कारण मैंने आज दिन की शुरूआत जैन मंदिर में आकर सिद्धचक्र महामंडल विधान में अपनी उपस्थिति दर्ज  कराकर की है। इस अवसर पर छत्री जैन मंदिर प्रबंधन ने कैबीनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का सम्मान किया। इस दौरान मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का आयोजक परिवार श्री सिद्धचक्र महामन्डल विधान का आयोजन बालचंद्र, प्रकाशचंद्र, सुगन चंद्र, रघुवीरप्रसाद, कैलाश चंद्र, माणिकचंद्रजैन देदखुर वाले परिवार द्वारा भव्य स्वागत किया गया और आयोजन में पधारने आभार व्यक्त किया। 

़़भगवान शांतिनाथ के दर्शन कर आर्शीवाद लिया मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया

मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने छत्री जैन मंदिर मे सबसे पहले 23वें तीर्थकर भगवान पाश्र्वनाथ की प्रतिमा के दर्शन किए और आर्शीवाद लिया। इसके बाद वह मंदिर में रखी भगवान शांतिनाथ की प्राचीन प्रतिमा के दर्शन करने के लिए पहुंची। 10वीं शताब्दी की यह प्रतिमा जमीन में खुदाई से मिली है इस भव्य प्रतिमा को देखकर यशोधरा राजे सिंध्यिा काफी अभिभूत हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैन समाज के आग्रह पर कोर्ट रोड़ का नाम वर्ष 2002 में नगर पालिका के ठहराव और प्रस्ताव से भगवान महावीर किया गया है लेकिन उक्त प्रस्ताव अमल में नहीं आ पा रहा है अत: इस संबंध में वैधानिक कार्यवाही कर कोर्ट रोड़ का नाम भगवान महावीर स्वामी मार्ग किया जाए। 

256 अर्घ चढ़ाकर हुयी श्री सिद्व भगवान की आराधना 

श्रीछत्री जैन मन्दिर जी में 30 अप्रैल से 8 मई तक श्री सिद्धचक्र महामन्डल विधान का आयोजन बालचंद्र, प्रकाशचंद्र, सुगन चंद्र, रघुवीरप्रसाद, कैलाश चंद्र, माणिकचंद्रजैन देदखुर वाले परिवार द्वारा किया जा रहा है। विधान में प्रतिष्ठाचार्य के रूप पधारे ब्र.भैया अरुण जी कटंगी, ब्र.संजय भैया मुरैना एवं पं.सुगन चंद जैन आमोल वालों द्बारा प्रतिषठा की संपूर्ण क्रियायें संपन्न कराई जा रही हैं। आज शनिवार 5 मई को 256 अर्घों के माध्यम श्रीसिद्ध भगवान की आराधना की जायेगी। इन सभी धार्मिक आयोजनों में साधर्मीजनों से आयोजक परिवार ने इस धर्म आराधना के कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की है। 
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