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मेरे सपनों का भारत परिचर्चा तात्या टोपे स्मारक पर आयोजित

हम सब एक, हम सभी भारत की संतान: खगेंद्र

शिवपुरी। हम सभी भारतवासियों का डीएनए एक है। हम सब एक है हम सभी भारत की संतान है, अगर भ्रमित होकर कोई भाई गलत बात करता है तो हमे उसे समझाना चाहिए, जल्दबाजी में कोई कदम नही उठाना चाहिए लेकिन उसके पीछे कौन है, कौन उसे भड़का रहा है यह जरुर जानना चाहिए, सारी समस्याओं का केवल हल एक हम सब भारतवासी एक। यह बात स्थानीय तात्या टोपे स्मारक पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित मेरे सपनों का भारत परिचर्चा में खगेंद्र सह प्रान्त बौद्धिक प्रमुख राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने मुख्य वक्ता की आसंदी से कही।
खगेन्द्र ने कहा कि देश के लिए नहीं बल्कि मेरे सपने कैसे पूर्ण हो इसी में सभी लगे है, सभी को अपने सपनों की चिंता है परंतु देश कैसा हो, कैसे आगे बढ़े इसकी चिंता का समय किसी के पास नही है। आज देश की सीमाएं पूर्ण रूपेण सुरक्षित है, जल में नभ में और धरती पर कोई भी भारत को परास्त करने की नहीं सोच सकता क्योंकि वहां हमारे सैनिक माइनस चालीस डिग्री तापमान में कहते है। तुम चैन से रहो में मोर्चा लिया हुआ हु बाह्य रूप से तो हम बेहद मजबूत है पर आंतरिक रूप से ही सारी समस्या है,जो बढ़ रही है घट नही रही क्योंकि देश के लिए विचार करने का समय नही है। देश के लिए नही सभी अपने लिए ही जीना चाहते है, जिस दिन खुद के लिए सपने कम होकर देश के लिए ज्यादा हो जाएंगे उस दिन देश की समस्याओं का अंत हो जाएगा अब देश के लिए मरने वाले नही जीने वाले सोचने वाले लोगों की जरूरत है। इस अवसर पर मिनी शर्मा, रौनक गुप्ता, पूनम शिवहरे, अजय गौतम, देवेंद्र गुर्जर, मयंक राठौर, सत्यम नायक, चंद्रेश भार्गव, भरत ओझा ने भी अपने विचार मेरे सपनों के भारत के संदर्भ में रखे। इन सभी ने अलग संस्थानों की और से अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद शिवपुरी के जिला संयोजक आशुतोष शर्मा ने सर्वप्रथम कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए कहा कि देश के समक्ष आसन्न् चुनौतियों में देश के लिए शिवपुरी का युवा क्या  सोचता है वह कैसे भारत के सपने संजोता है, किस तरह से देश के विकास में अपनी भूमिका चाहता है। क्या क्या योगदान करना चाहता है इस तरह के विचारों को प्रकट करने सभी के समक्ष लाने हेतु यह कार्यक्रम मेरे सपनों का भारत रखा है क्योंकि यही युवा देश का भविष्य है। इन्हीं के विचारों से देश की उन्नति की परिकल्पना संभव है। कार्यक्रम में मनोज मिश्रा व पदमा शर्मा अतिथि के रूप में उपस्थित रही।  कार्यक्रम में युवाओ के विचारों से सामने आया कि शिबपुरी का युवा भृष्टाचार मुक्त समता युक्त भारत की कल्पना करता है सपने देखता है। इस कार्यक्रम का संचालन अमित दुबे, अतिथियों का स्वागत स्नेह सिंघल राष्ट्र सेविका समिति कार्यवाहिका, दीपेश फडनीस, वीपी परमार ने और आभार प्रदर्शन विनोद शर्मा ने किया। कार्यक्रम तात्या टोपे स्मारक पर ब्रजकांत विभाग प्रचारक के मार्गदर्शन में सैकड़ों युवाओं के बीच गरिमामय रूप से आयोजित हुआ।
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