Press "Enter" to skip to content

कलेक्टर की भूमिका सराहनीय: अब नहीं डगमगाएंगी ट्रोमा सेंटर की व्यवस्थाएं, पूर्ववत मिलेंगी मरीजों को सेवाएँ

 शिवपुरी। कलेक्टर तरूण राठी के प्रयासों से जिला चिकित्सालय में स्थित ट्रामा सेंटर के माध्यम से मरीजों को मिलने वाली सुविधाए यथावत प्राप्त होती रहेगी। इसके लिए ट्रामा सेंटर में समूचित व्यवस्था कर ली गई है। ट्रामा सेंटर में कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाए समाप्त होने पर भी ट्रामा सेंटर से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिससे मरीजों को परेशानी नहीं होगी।

जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ.गोविंद सिंह ने बताया कि जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में कार्यरत 9 स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवाए आगामी 16 अप्रैल 2018 तक समाप्त हो जाएगी। क्योंकि राज्य शासन द्वारा ट्रामा सेंटर संचालन हेतु स्थाई पदों का सृजन नहीं किया गया है। इन पदों पर नियमित भर्तियां की जानी है। अभी तक कार्य कर रहे पांच संविदा ओ.टी.ट्रेक्नीशियन, तीन संविदा रेडियोग्राफर, एक लैब टेक्नीशियन को मानदेय का भुगतान केन्द्रीय अनुदान के तहत किया जा रहा था। लेकिन अनुदान की राशि समाप्त होने पर इनकी सेवाए जनहित में ली जा रही थी। अप्रैल 2017 से रोगी कल्याण समिति मद में प्राप्त कायाकल्प की पुरस्कार की राशि से मानदेय का भुगतान किया जा रहा था। लेकिन रोगी कल्याण समिति की आय के स्त्रोत सीमित होने के कारण मानदेय का वितरण आगे किया जाना संभव नहीं है। उक्त स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाए 16 अप्रैल 2018 तक समाप्त हो जाएगी। 
उन्होंने बताया कि कलेक्टर श्री राठी ने अपनी प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य सेवाओं को  सर्वोच्च रखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एम.एस.सगर को निर्देश दिए कि ट्रामा सेंटर में कार्यरत 09 स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाए समाप्त होने पर ट्रामा सेंटर की सेवाए बाधित न हो, इसके लिए जिले में स्थित विभिन्न चिकित्सालयों में कार्यरत रेडियोग्राफर, टेक्नीशियन आदि पदों पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों से वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले से दो रेडियाग्राफर, एक लैब ट्रेक्निशियन, दो एएनएम तथा एक स्टाफ नर्स की व्यवस्था जिले की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं से की गई है। जिससे जिला चिकित्सालय में स्थित ट्रामा सेंटर, ऑपरेशन थेटर, एक्सरे व लैब की सुविधाए बिना किसी अपरोध के मरीजों को पूर्व की भांति मिलती रहेगी। 

डायलेसिस सेवाएं भी निरंतर जारी

सिविल सर्जन ने बताया कि जिला चिकित्सालय में डायलेसिस सेवा भी मरीजों को निर्वाध रूप से जारी है, विगत मार्च में 71 तथा इस माह 33 गंभीर किडनी रोगियों को डायलेसिस की सुविधा का लाभ प्रदाय किया गया। जिला चिकित्सालय शिवपुरी अब जिला चिकित्सालय महाविद्यालय के संवद्ध चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिससे इस चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज स्तरीय समस्त चिकित्सा सुविधाए नागरिकों को प्राप्त होंगी। 
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!