पत्रकारों से चर्चा के दौरान नवीन पुलिस अधीक्षक ने साझा किए अनुभव, कहा-सरल न्याय प्रणाली के लिए शुरू होंगे चलित थाने

शिवपुरी। सतना से स्थानांतरित होकर नवांगत एसपी राजेश हिंगणकर ने आज पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकारों से चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपनी पुलिस सेवा के दौरान किए गए कार्यों को भी पत्रकारों के समक्ष रखते हुए अपना उद्देश्य बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पुलिसिंग बहुत ही सरल और सौम्य होगी। उनके कार्यकाल में अपराधी भयभीत रहेंगे और आम जनता अपने आपको भय मुक्त महसूस करेगी। जनता की निगाह में पुलिस की छवि नकारात्मक रहती है, लेकिन वह पुलिस की छवि में निखार लाएंगे और आमजन पुलिस के पास आने से कतराएंगे नहीं, इसके लिए वह चलित थाने शुरू कर रहे हैं। साथ ही वह लोगों से सतत संपर्क में रहने के लिए जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे। उन्होंने बताया कि शिवपुरी जिला दस्यु पीड़ित है, लेकिन वर्तमान में कोई गैंग सक्रिय नहीं है और उनका पूरा कार्यकाल डकैतों के बीच ही गुजरा है। उन्होंने सतना में रहते हुए ठोकिया गैंग, नवल गैंग सहित सिमी और आतंकवादियों का सफाया किया है इसलिए उन्हें गैंगों का काफी अनुभव है। अगर शिवपुरी जिले कोई गैंग सक्रिय होगी तो वह जिस कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं उसके हिसाब से वह डकैतों की कुण्डली तैयार कर उनका खात्मा करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। कल 14 जुलाई को करैरा ग्राम टीला में पहला चलित थाने की शुरूआत की जा रही है जिसमें कालीपहाड़ी, निचरौली, खैराई और जुझाई गांव को शामिल किया गया है। चलित थाने से उन लोगों को सहूलियत होगी जो छोटी से शिकायत लेकर 400 से 500 रूपये खर्च शिवपुरी एसपी से मिलने आते थे, लेकिन चलित थाना शुरू होने से उन्हें शिवपुरी आने की जरूरत नहीं है और वहीं उनकी सारी समस्याएं सुन ली जाएंगी इससे लोगों की आर्थिक हानि भी बचेगी और समय भी।
समाचार पत्रों की कटिंग पर होगी कार्रवाई
एसपी राजेश हिंगणकर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि समाचार पत्रों में समाचार छापे जाते हैं इनमें कई समाचारों में भ्रष्टाचार और लापरवाही की झलक मिलती है इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार ही होता है, लेकिन पत्रकारों को शिकायत रहती है कि समाचार पत्रों की उन खबरों से दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है इसलिए वह अब ऐसी व्यवस्था बनाने जा रहे हैं जिससे समाचार पत्रों की कटिंग को आधार मानकर उसमें छपे समाचारों पर दोषी अधिकारियों की कार्रवाई के लिए एसडीओपी और एडिशनल एसपी जांच कर कार्रवाई करेंगे और दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

कलेक्टर से समन्वय बनाकर निपटाए जाएंगे जमीनी विवाद
एसपी हिंगणकर ने माना कि जिलों में सर्वाधिक मामले जमीनी विवाद से संबंधित पुलिस के पास आते हैं, लेकिन उन पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाती है,ऐसी स्थिति में वह कलेक्टर से समन्वय बनाकर उक्त प्रकरणों को निपटाने के लिए चलित थानों का इस्तेमाल करेंगे जिससे छोटे-छोटे मामले चलित थाना स्तर पर ही निपट सकेंगे और लोगों को कलेक्टर और एसपी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सर्वाधिक मामले सीमांकन, नश्ती के कारण झगड़े में तब्दील हो जाते हैं। यहां तक कि यह छोटे-छोटे मामले 302 और 307 भी बदल जाते हैं। चलित थानों से उन मामलों पर अंकुश लगेगा और क्राइम ग्राफ भी घटेगा।






