क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भेड़-बकरियों की तरह ढो रहे

योगेन्द्र जैन, पोहरी-पोहरी व बैराड़ नगर में संचालित हो रहे निजी विद्यालयों द्वारा खुलेआम नौनिहालों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विद्यालय संचालकों की मनमानी चरम सीमा को लांघते हुए बच्चों को मैजिक वाहनों में ठूंस-ठूंसकर ढोहा जाता है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वाहन में 35 से 40 बच्चे भरे जाते हैं। स्कूल संचालकों की मनमानी के आगे प्रशासन बौना साबित हो रहा है सिर्फ और सिर्फ मूक दर्शन की भूमिका अदा करने तक ही सीमित बना हुआ है।
अधिकांश वाहन हैं खटारा
स्कूलों में लगे हुए अधिकांश वाहन खटारा है। शासन द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की फिटनेस पर ध्यान देने के सख्त निर्देश है, लेकिन जिम्मेदार हैं उन्हें बच्चों की जिंदगी से कोई मतलब ही नहीं है। जिस अंदाज में यह वाहन संचालित हो रहे हैं जिससे ऐसा लगता है कि स्कूल संचालकों द्वारा अधिकारियों से कहीं न कहीं सांठगांठ की है।
हादसे के इंतजार में प्रशासन
जो मैजिक वाहन सात सीटर हैं उनमें स्कूल संचालक नौनिहालों को भेड़-बकरियों की इस कदर ठूंस-ठूंसकर भरते हैं उनमें 35 से 40 बच्चों को भर देते हैं। अब अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बच्चे स्कूल तक और स्कूल से घर तक कैसी हालत में पहुंचते होंगे। अभी तक प्रशासन इस मामले में लचर रवैया ही अपनाया है ऐसा लगता है कि प्रशासन को कोई हादसे तक इंजतार है तभी वह कार्यवाही का मूड बनाएगा।
इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है, जल्द ही वाहनों की चैकिंग कर कार्यवाही की जद में लिया जाएगा।
मुकेश सिंह, एसडीएम पोहरी






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