

(संजय चिडार) शिवपुरी। शहर की सुंदरता में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है यदि इन सड़कों पर अतिक्रमण का जाल बिछा हो तो यही सड़कें शहर की सुंदरता को दाग लगाती प्रतीत होती है, जिसके चलते जगह-जगह जाम के हालात निर्मित होते हैं ऐसा ही कुछ शिवपुरी शहर में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को एक वाक्या सामने आया कि गुरूद्वारा चौराहे पर ट्रेफिक पुलिस चालान काटने में मशगूल थी, वहीं लोगों द्वारा खुलेआम ट्रेफिक सिग्नल का उल्लंघन किया जा रहा था। यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि यह प्रतिदिन का काम है कि यातायात पुलिस का एक सिपाही यहां पर तैनात तो रहता है, लेकिन वह इधर-उधर अपना टाइमपास करता रहता है। ऐसा नहीं है कि यातायात पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है, बल्कि समय-समय पर प्रयास भी किए जाते हैं, लेकिन अपनी कार्यवाही को प्रभावी ढंग से पालन कराने में यातायात पुलिस नाकाम रहती है। हाल ही में यातायात सप्ताह का समापन हुआ है। जिस तरह से शहर में सड़कों पर जगह-जगह जाम के हालात निर्मित होते हैं उससे लगता है कि यह यातायात सप्ताह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहा।
सड़क पर सजती फल मंडी, यातायात पुलिस नहीं करती कार्यवाही
कोर्ट रोड़ पर सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक बीच सड़क पर फल मंडी सजती है। फल मंडी के कारण यहां हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है और लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत एवं परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विरोध करने पर दुकानदार लड़ाई झगड़े पर आमादा हो जाता है। नगरपालिका और यातायात विभाग इस जनसमस्या के प्रति लापरवाह बना हुआ है। कोर्ट रोड़ पर वर्षों से बीच सड़क पर फल मंडी लग रही है। यहां सड़क पर फलों की टोकरी रखकर बोली लगाई जाती है। इस दौरान आधी से अधिक सड़क फल विक्रेताओं द्वारा घेर ली जाती है। शेष आधी सड़क पर ठेले पर फल आदि सामान बेचने वालों का कब्जा हो जाता है। इस सड़क पर सुबह-सुबह स्कूल बसें गुजरती हैं। पानी के टैंकर भी इसी सड़क से गुजरते हैें। इस कारण पैदल निकलने को भी लोगों को जगह नहीं रहती है। अक्सर यहां सुबह-सुबह जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न तो नगरपालिका और न ही यातायात विभाग सामने आता है। जिससे अतिक्रामकों के हौंसले बुलंद बने हुए हैं।






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