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मृत्युभोज जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागा रावत समाज

-मृत्युभोज ना करने वाले होंगे सम्मानित 
शिवपुरी- रावत समाज सेवा संगठन के द्वारा लगातार समाज सुधार की दिशा में किए जा रहे सक्रिय प्रयासों के परिणामस्वरूप रावत समाज में वर्षों से व्याप्त मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा के खिलाफ जंग शुरू हो चुकी है। यदि कुछ अपवादों को छोड़ दें तो पिछले 5 माह से रावत समाज में हुई मृत्यु के करीबन 75 प्रतिशत मामलों में समाज के लोगों ने मृत्यु भोज(विशाल भण्डारा)ही नहीं किया बल्कि मृत्युभोज में भोजन ग्रहण ना करने का  दृढ़ संकल्प भी लिया है। रावत समाज प्रत्येक मृत्यु भोज पर लाखों रूपये फिजूलखर्च करता था अभी हाल ही में ग्राम सिंहनिवास में कमलकिशोर रावत(फौजी)की पूज्य माताजी का देहावसान हो गया था उनके द्वारा भी मृत्युभोज ना करने का निश्चिय किया है। इससे पूर्व भी ग्राम सिंहनिवास, तानपुर, बेरजा, सूड़ें, कांकर, डहरवारा, जरिया, बड़ौदी, सेसई, सतेरिया, मानकपुर, ख्यावदा, सेमरखेड़ी, गिरवानी, कालामढ़, बैराढ़, ऐंचबाड़ा, भटनावर, लालगढ़, कबीरखेड़ी आदि ग्रामों में हुई मृत्यु पर मृत्युभोज(भण्डारे)नहीं हुए। इस दिशा में समाज के जागरूक समाजसेवी लगातार सक्रिय रूप से समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ समाज को जागृत करने में जुटे हुए है। जिन लोगों ने मृत्युभोज जैसी कुप्रथा के अंत करने में अपने परिजनों की मृत्यु पर मृत्युभोज नहीं किया है उनके परिजनों को समाज के पदाधिकारी प्रदेशाध्यक्ष लालाराम मीणा पूर्व न्यायाधीश, प्रदेश युवा अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत प्रदेशाध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा, प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती ममता मीणा विधायक, रामनिवास रावत विधायक विजयपुर, प्रदेश मंत्री मानसिंह रावत, जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह रावत व अन्य पदाधिकारी शीघ्र ही एक भ्रमण कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित करेंगें तथा मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज को जागृत करेंगें। 
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