जगह-जगह लग रहे जाम, सड़कों पर खड़े हो रहे वाहन



(संजय चिडार) शिवपुरी। 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक यातायात पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यातायात सप्ताह सिर्फ कागजों में सिमटा नजर आ रहा है। यातायात सप्ताह के दौरान भी यातायात पुलिस शहर की बिगड़ी हुई व्यवस्था से दुरुस्त नहीं कर पा ही है। जगह-जगह जाम के हालात निर्मित हो रहे हैं। शहर के इस रास्ते पर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। मुख्य चौराहों पर ट्रेफिक पुलिस जवान की तैनाती जरूरी है लेकिन जवान सिर्फ दिखावे के लिए ही हैं। शहर की बिगड़ी हुई यातायात व्यवस्था यातायात प्रभारी की निष्क्रियता को दर्शाती है।
शहर के मुख्य चौराहे और रास्तों पर इस समय ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है। आए दिन जाम लग रहा है। खासकर माधव चौक चौराहा, गुरुद्वारा चौराहा, कोर्ट रोड़, गोयल मेडिकल के सामने, गांधी चौक, राजेश्वरी रोड की स्थिति बहुत ही बेकार है। यातायात पुलिस यहां पर कागज में तो ट्रैफिक जवान की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था कर रही है लेकिन हकीकत यह है कि यहां पर ट्रैफिक पुलिस के जवान रहते ही नहीं है। दिन के समय इनकी तैनाती जरूरी है जिससे व्यवस्था सही चले लेकिन ट्रैफिक पुलिस जवानों की अनुपस्थिति से व्यवस्था भगवान भरोसे रहती है। वरिष्ठ अधिकारी भी कागजों में चल रही इस व्यवस्था को सुधारने में रुचि नहीं ले रहे हैं। पुलिस अफसर आकस्मिक छापामार कार्रवाई कर यह चैक करें कि किस ट्रैफिक पुलिस जवान की कहां ड्यूटी है तो सारी पोल खुल जाएगी। हकीकत यह है कि जिन पुलिस जवानों को चौराहों पर तैनात किया जाता है वह अपने ड्यूटी स्थल पर न रहते हुए गायब रहते हैं। यदि रहते भी हैं तो आसपास खड़े होकर के केवल खानापूर्ति करते नजर आते हैं।
गुरूद्वारा चौक पर शोपीस बने टे्रफिक सिग्नल
गुरूद्वारा चौराहे पर लगे ट्रेफिक सिग्नल सिर्फ शोपीस बने हुए हैं। यह सिग्नल कभी भी खराब हो जाते हैं और चालू भी होते हैं तो कोई भी इनका पालन नहीं करता और न ही पालन कराने का प्रयास किया जाता है क्योंकि ट्रेफिक पुलिस इसमें रुचि नहीं दिखाती है। शहर में ट्रैफिक पुलिस के जवान केवल हैलमेट न होने पर वाहन चालकों के चालान काटने तक सीमित है, जबकि यातायात सुधार के जो दूसरे काम लटके पड़े हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी है। 





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