रंग ला रहा है एसपी द्वारा चलाए जा रहे चलित थानों का अभियान,254 मामले आए सामने
पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभागों की समस्याओं का भी मौके पर हुआ निराकरण

शिवपुरी-नवागत पुलिस कप्तान राजेश कुमार हिंगणकर द्वारा जिले में नई पहल शुरू की गई है। जिसमें उनके द्वारा चलित थानों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद कायम कर उनकी विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। जिले में आज दूसरा चलित थाना कोलारस अनुविभाग की ग्राम पंचायत पड़ोरा में सम्पन्न हुआ। जिसमें 254 पीडि़त आवेदक अपनी समस्याएं लेकर पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंचे। इन आवेदनों में पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभागों की समस्याओं से संबंधित आवेदन भी शामिल थे। जिन्हें एसपी श्री हिंगणकर ने गंभीरता से लेते हुए इनका मौके पर ही निराकरण किया। यहां बता दें कि एसपी राजेश हिंगणकर के शिवपुरी पदस्थ होने के बाद जिले के इतिहास में पहली बार चलित थानों की शुरूआत की गई है। पहला चलित थाना करैरा अनुविभाग के ग्राम टीला में लगाया गया था। जिसमें लगभग 150 आवेदकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया था और आज 254 आवेदकों की समस्याओं का निराकरण किया गया है। आज सम्पन्न हुए चलित थाने में पुलिस अधीक्षक श्री हिंगणकर के अलावा एएसपी, एसडीओपी कोलारस सुजीत सिंह भदौरिया,थाना प्रभारी सतीश चैहान, वन विभाग के डिप्टी रेंजर, विजली विभाग के एई, नायब तहसीलदार कोलारस सुश्री पूजा यादव व अनुविभाग के समस्त थाना प्रभारी मय बल के साथ, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. विवेके शर्मा मौजूद रहे।
पीडि़त व्यक्ति को न्याय दिलाने ही हमारा मुख्य उद्देश्य: एसपी हिंगणकर
कोलारस अनुविभाग के ग्राम पडोरा में आज सम्पन्न हुए दूसरे चलित थाने में पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए अलावा अंचल से आए ग्रामीणों से जनसंवाद भी कायम किया। एसपी श्री हिंगणकर ने इस दौरान अपने उद्बोधन में चलित थाने के उद्येश्य के बारे में बताते हुए कहा कि एक गरीब,पीडि़त व्यक्ति को न्याय दिलाना ही हमारा उद्देश्य है। उनकी आंखों में देखकर लगता है कि वह बहुत परेशान हैं। ऐसे पीडित व्याक्ति जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है वह आवेदन टाईप कराने से लेकर जिला मुख्यालय पर पुलिस अधाीक्षक कार्यालय आने तक के खर्चे के अलावा आदि खर्चे नहीं उठा सकते इसलिए हमारे द्वारा जिले में चलित थानों की शुरूआत की गई है। एसपी श्री हिंगणकर ने कहा कि चलित थाने में आने वाले परेशान लोगों के समस्याओं मूलक आवेदनों को टाईप कराने की व्यवस्था भी हमारे द्वारा चलित थानें में की गई है, जिससे आवेदकों पर आर्थिक भार न आये। पुलिस कप्तान ने कहा कि चलित थानों के माध्यम से पीडि़त और गरीबों को न्याय दिलाना ही हमारा मुख्य उद्येश्य है हमारा यह लगातार प्रयास रहेगा कि गाँव-गाँव जाकर चलित थाना लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण मौके पर ही करें, ताकि गरीब जनता को उचित न्याय मिल सके एवं लोगों की शिकायतों का मौके पर ही दोनों पक्षों की काउन्सिलिंग करवाकर उसका निराकरण किया जा सके। एसपी ने कहा कि अगर चलित थाने में अपराध पंजीबद्ध करने की आवश्यकता हुई तो मौके पर ही शून्य पर अपराध भी कायम किया जाएगा। एसपी श्री हिंगणकर ने अपने उद्बोधन में आमजन को सचेत करते हुए कहा कि वह कभी किसी के झांसे में न आए। कोई भी व्यक्ति को अपने बैंक एकाउंट की जानकारी न दें और न हीं एटीएम संबंधी कोई जानकारी जैसे पासवर्ड एटीएम नंबर किसी को भी न बताऐं, और स्वथ्य विभाग द्वारा दवा वितरण करने की व्यवस्था चलित थाने में की गई है। यदि किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब है तो वह यहां उपस्थित स्वास्थ्य विभाग से मुफ्त मेें दवा लें। एसपी ने जनता से कहा कि शिवपुरी जिले में लगातार चलित थाने लगाए जाते रहेंगे।
पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभाग की समस्याएं भी आई सामने,हुआ निराकरण
कोलारस अनुविभाग के ग्राम पड़ोरा में आज दूसरा चलित सम्पन्न हुआ। जिसमें 10 गांवों के कई सैकडा आवेदक अपनी समस्याएं लेकर पुलिस अधीक्षक श्री हिंगणकर के समक्ष पहुंचे। जिन गांवों के आवेदक चलित थानों में पहुंचे उनमे पड़ोरा, वेहता ,घुटारी, मड़ीखेड़ा, रामनगर, निबोदा, कुलवारा, खोंकर ,अमरपुर,सेसई शामिल हैं। चलित थाने में पुलिस महकमे के सिर्फ 25 आवेदन प्राप्त हुए जबकि राजस्व विभाग के 95, जनपद के 105 आवेदन, विद्युत विभाग के 27 आवेदन, वन विभाग के 2 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश आवेदनों का पुलिस अधीक्षक द्वारा मौके पर खुद ही निराकरण किया गया। जबकि कुछ आवेदकों की समस्याओं का निराकरण पुलिस कप्तान ने चलित थाने में मौजूद अन्य विभाग के अधिकारियों की मदद से किया।
मुख्य रूप से यह समस्या आई सामने
- आशाबाई रमेश ओझा निवासी ग्राम कुलवारा द्वारा पुलिस कप्तान को एक आवेदन दिया गया जिसमें बताया गया कि उसके पति की मृत्यु 20 साल पूर्व हो गई है और उसकी 05 बीघा व 09 विश्वा जमीन पर मिश्रीलाल पिता सरनाम सिंह रावत द्वारा अवैध रूप से पिछले 20 साल से कब्जा कर खेती कर रहा है। महिला के आवेदन पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दोंनों पक्षों को गांव से बुलवाकर उनकी काउंसलिंग करवाकर राजीनामा करवाया गया और मिश्रीलाल रावत ने महिला की जमीन से कब्जा भी हटाने की बात कही है।
- मांगीलाल पिता सालिगराम निवासी सेसई द्वारा एसपी श्री हिंगणकर को बताया गया कि सेसई सड़क पर फोर लाइन का निर्माण हुआ है। जिसमें गायत्री मंदिर के पास पुलिया ऊंची होने के कारण पानी आसपास किसानों की जमीन में चला जाता है जिससे किसानों की फसल नष्ट हो रही है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस देकर निराकरण कराए जाने की बात कहीं।
- राम सिंह प्रजापति निवासी खोंकर द्वारा बताया गया कि उसकी जमीन ग्राम खोकर मैं है। इस जमीन पर गांव के दबंगों द्वारा रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है। जिस कारण से वह अपने खेत तक नहीं पहुंच पाता। इस मामले को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लिया और तत्काल मौके पर पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग की टीम को भेजकर बंद रास्ते को खुलवाया गया।
- होतम सिंह निवासी खौकर द्वारा बताया गया कि उसकी मोटरसाइकिल हीरो 18 जुलाई को पडोरा चौराहे से चोरी हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में अपराध पंजीबद्ध नहीं किया है और उसकी बाइक आज तक नहीं मिली है। एसपी श्री हिंगणकर ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए इस मामले में तत्काल शून्य पर अपराध कायम कर संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए है कि वह जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करें।
- रामसिंह पिता मानसिंह रावत निवासी मड़ीखेड़ा द्वारा बताया गया कि उसका भाई जहार सिंह घर के बंटवारे को लेकर उसके साथ मारपीट करता है। वह कट्टा लेकर घूम रहा है और किसी भी दिन बारदात को अंजाम दे सकता है। इस गंभीरत मामले में पुलिस अधीक्षक श्री हिंगणकर के द्वारा तत्काल एक टीम का गठन कर ग्राम मणिखेड़ा भेजी गई जिसमें उसके भाई जहार सिंह को लेकर आए और पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों भाईयों को समझाया गया कि वह एक ही माता-पिता के बेटे हैं साथ मिलकर रहें लड़ाई झगड़े से परिवार बिखरता है। पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई समझाईश का असर यह हुआ कि दोनों भाईयों ने अपने विवाद को भुलाकर राजीनामा कर लिया।
- ग्राम रामनगर सहित अन्य ग्रामों से आए लगभग आधा सैकड़ा ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि गांव में विधायक निधि से पीएचई विभाग द्वारा एक बोर का उत्खनन कराया गया था। जिसमें आज तक मोटर नहीं डाली गई है। जिसके चलते ग्रामवासी पानी के लिए काफी परेशान हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा पीएचई विभाग के चीफ इंजीनियर श्री बाथम से मोबाइल पर चर्चा की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि चार दिन के भीतर गा्रमीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए मोटर डाल दी जाएगी।







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