
शिवपुरी-प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गरीब तबके के बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने के उद्देश्य से तीर्थदर्शन यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस यात्रा के दौरान जाने वाले यात्रियों को तीर्थ स्थल तक ले जाने, लाने, ठहरने व भोजन व्यवस्था तक का भुगतान मप्र शासन द्वारा किया जा रहा है।
तीर्थदर्शन यात्रा की जिम्मेदारी कर्मचारियों और अधिकारियों के भ्रष्टाचारीपूर्ण रवैये के कारण तीर्थ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही खाने पीने व लाने ले जाने की जिम्मेदारी लेने वाली एजेन्सी द्वारा शासन से पैसा तो उच्च स्तर का वसूल किया जा रहा है, परंतु यात्रियों को यात्रा के दौरान घटिया किस्म का भोजन प्रदाय किया जा रहा है। इतना ही नहीं कामाख्या देवी दर्शन करने गए यात्रियों को गुवाहटी में सड़क पर बैठकर चक्काजाम तक करना पड़ा जिससे तीर्थ दर्शन यात्रा की कलई स्वत: ही खुल जाती है। 25 जुलाई को शिवपुरी से जाने वाली तीर्थ दर्शन यात्रा को क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया था।

झांसी में रात्रि में उतरे बुजुर्ग कामाख्या देवी दर्शन को जाने वाली ट्रेन को मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने हिदायत देते हुए कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होना चाहिए। शिवपुरी से यात्रा पर जाने वाले एक बुजुर्ग दम्पत्ति के साथ गए बच्चे की वजह से रेल कर्मचारियों से विवाद हुआ। वे बच्चे को किसी भी हाल में ले जाने को तैयार नहीं हुए। रात्रि में नाबालिग बच्चा कहां जाता। ऐसा विचार कर बुजुर्ग दम्पत्ति को भी झांसी में ही अपनी यात्रा स्थगित कर वापिस होना पड़ा। सवाल यह है कि बच्चा जब वैध तरीके से नहीं जा सकता तो शिवपुरी से ट्रेन में सवार होकर झांसी तक कैसे पहुंच गया?
ठहरने को लेकर यात्रियों से विवाद
शिवपुरी से गुहावटी का लगभग 35 घंटे की यात्रा तय करने के उपरांत तीर्थ यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। आईआरसीटीसी के ठेकेदार द्वारा यात्रियों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध न कराए जाने से परेशान यात्रियों द्वारा मजबूरन सड़क पर बैठकर चक्काजाम करना पड़ा। चक्काजाम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। गुहावटी के पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल पर पहुंचकर जिम्मेदार लोगों को तलाश किया, लेकिन तत्समय कोई भी जिम्मेदार पुलिस प्रशासन के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ तथा इधर उधर अपनी जान बचाते-बचाते नजर आए।
खाने-पीने समुचित व्यवस्था नहीं
तीर्थदर्शन यात्रा पर कामाख्या देवी दर्शन को जाने वाले यात्रियों को आईआरसीटीसी के ठेकेदार द्वारा गंदगी व बदबूदार रेस्ट हाउस में रोका गया, वहां पर यात्रियों द्वारा जैसे तैसे रात्रि गुजारी, एक छोटे से हॉल में एक काउंटर लगाकर भोजन कराया गया जिससे बुजुर्ग दम्पत्तियों को भावी परेशानी का सामना करना पड़ा है। उक्त तथ्य से कुछ यात्रियों द्वारा शिवपुरी कलेक्टर शिल्पा गुप्ता को भी अवगत कराया गया। अब देखना यह है कि जिलाधीश द्वारा दोषी लोगों के विरूद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।
भाजपा की छवि हो रही है धूमिल
मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रत्येक तबके के लिए जनहितकारी योजनाओं शुरू की गई हैं, लेकिन जिन अधिकारियों व कर्मचारियों को योजनाएं लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है वे अधिकारी व कर्मचारी मुख्यमंत्री की योजनाओं को पलीता लगाने पर अमादा हैं जिससे प्रदेश की भाजपा सरकार की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है।







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