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कवि गोष्ठी आयोजित : पास रह कर वे साथ नहीं, संयोगी विरही क्या कहें।

शिवपुरी। मप्र लेखक संघ भोपाल की शिवपुरी इकाई की नवीन कार्यकारणी के उपरांत एक सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्यगोष्ठी में अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि, समालोचक और साहित्यकार डाॅ. परशुराम शुक्ल विरही ने अपनी कविता का पाठ करते हुए कहा-
पास रह कर वे साथ नहीं,
संयोगी विरही क्या कहें।
वरिष्ठ गीतकार हरीशचन्द्र भार्गव ने स्थानीय प्राकृतिक स्थलों का आलम्बन लेकर अपना श्रृंगार गीत कुछ इस तरह गुनगुनाया-
चांदपाठे में चाॅद उतरा है,
हर तरफ चांदनी का पहरा है।
उनके बाद पूर्व अध्यक्ष और नेत्ररोग विशेषज्ञ डाॅ. हरिप्रकाश जैन ने अपनी बड़ी समसामायिक गजल का पाठ किया-
उसने मानी तो सभी की बात, लेकिन देर से,
अब बदलने लग गये हालात, लेकिन देर से।
इनके उपरांत कविगोष्ठी का संचालन कर रहे नवनिर्वाचित अध्यक्ष और वरिष्ठ गीतकार अरुण अपेक्षित ने राजनैतिक विसंगति पर अपनी गजल पढ़ी-
सत्ता का दुर्भाग्य जो, निंदा करे महान,
मगर प्रषंसा जो करे, चमचा, और गुलाम।
संघ के नवनिर्वाचित सचिव और नवगीतकार डाॅ. मुकेश अनुरागी के नवगीत को बहुत सराहा गया-
अनुरागी आज रंग बिखेरने दे फिर यहां,
इतना रंगो मुुझे कि मैं तिरंगा हो जाऊॅ।
नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष और वरिष्ठ गजकार मोहम्मद याकूब साबिर के विचार कुछ इस तरह से थे-
माना बहुत जरूरी है, दुनियां में इंकलाब,
अपनी कलम को खूं में, डूबो कर गजल कही।
दूसरे उपाध्यक्ष प्रकाशचन्द्र सेठ ने वर्तमान परिस्थिति में सामाजिक स्थतियों पर अपनी कविता का पाठ कुछ इस तरह किया।
पहले तो मकान होते थे, मानव की पहचान होते थे,
उनमें सत्य,दया,धर्म, ईमान की चादर होते थे।
अपने लोकगीतों के साथ व्यंग रचनाओं के लिये विख्यात तथा कोषाध्यक्ष राकेश सिंह ने शहरों के नाम पर आधारित एक गीत की प्रस्तुति कुछ इस तरह की-
सत न बोला अगर तुमने मुख से,
तो आगे कटनी नहीं जिंदगानी,
अमृत सर पे जो तेरे ही रक्खा,
फिर दुबारा न तुमको मिलेगा।
हास्य कवि और सहसचिव राजकुमार चैहान भारती ने पढ़ा-
प्रजा हमारी, तंत्र हमारा,
मंत्र किसी और का चल गया।
सबसे अंत में वरिष्ठ कवि रामकृष्ण मोर्य ने कहा-
हमेशा सच बोलता आईना है,
न होता कभी बेवफा आईना है।
इस गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार और कथाकार प्रमोद भार्गव विशेष रूप से उपस्थित रहे। एक बार अध्यक्ष अरुण अपेक्षित ने सभी के प्रति कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया और लेखक संघ की बैठक तथा कवि गोष्ठी अपनी पूर्णता पर पहुंची।
फोटो : 10 शिव 1
कैप्शन : कवि गोष्ठी में कविता पाठ करते हुए कवि।
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