
शिवपुरी। भैयालाल खटीक ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए उसे प्राप्त पर्स को संबंधित को पहुंचाकर ईमानदारी का परिचय दिया। जिसकी सभी लोगों द्वारा प्रशंसा की जा रही है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय दतिया के लिपिक भरत लाल मित्तल जिस बस में आ रहे थे, उसी बस में शंकरपुर झिगुरा निवासी भैयालाल खटीक भी करैरा से शिवपुरी के लिए रवाना हुए थे। इस बीच लिपिक भरत लाल मित्तल का पर्स बस में गिर गया। लेकिन इसकी जानकारी मित्तल को नहीं हो पाई, लेकिन बस से उतरते वक्त भैया लाल खटीक को बस में पर्स मिला। उनके द्वारा पर्स में रखे दस्तावेजों पर अंकित मोबाइल नम्बर पर सूचना देकर मित्तल को पर्स प्रदाय किया।
घटना इस प्रकार है कि भरत लाल मित्तल दतिया से जिला जनसंपर्क कार्यलय शिवपुरी में लिपिक न होने की स्थिति में सरकारी कामकाज निपटाने हेतु दतिया से शिवपुरी बस से आए थे। इसी बीच करैरा से भैयालाल खटीक भी इस बस में सवार हुए। लेकिन मित्तल दो बत्ती चौराहे से बस से उतरकर सीधे जिला जनसंपर्क कार्यालय शिवपुरी पहुंचे और सरकारी कामकाज निपटाने में व्यस्त हो गए, इस बीच उन्हें ध्यान आया कि उनके पीछे की जेब में रखा हुआ पर्स गायब है, जिसमें दो बैंको के एटीएम और लगभग दो हजार रूपए से अधिक की राशि और विभाग द्वारा जारी परिचय पत्र एवं अन्य दस्तावेज थे। लेकिन दोपहर 03 बजे दस्तावेजों में दिए गए दूरभाष पर भैयालाल खटीक ने फोन कर बताया कि आपका पर्स बस में गिरा हुआ मुझे प्राप्त हुआ है। जिसमें आपके आवश्यक कागजात एवं रूपए है। जो मेरे पास है इसे आप प्राप्त कर लें। भैयालाल खटीक की सहृदय, ईमानदारी की सब जगह चर्चा है और लोग मिशाल दे रहे है कि आज भी ईमानदारी जिंदा है।






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