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हर्षोल्लास के साथ मनाई गई भगवान परशुराम जी की जयंती

भगवान परशुराम जी के बताए गए सत्य के मार्गों पर चलें विप्र बन्धु: रामजी व्यास 

 

शिवपुरी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्री परशुराम जी का जन्मोत्सव बड़ी भव्यता के साथ मनाया गया। सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा भृगु भवन फिजीकल रोड़ पर पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात सभी विप्र बन्धुओं द्वारा भगवान परशुराम जी के चालीसा का पाठ भी किया गया इसके बाद भगवान परशुराम जी की महाआरती की गई। तदुपरांत प्रसाद का वितरण किया। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव  बुधवार को सुबह साढ़े 8 बजे दीप प्रज्ज्वलन, ध्वजारोहण और मंगलाचरण के साथ पूजा अर्चना की गई। भगवान परशुराम के जीवन पर विचार और प्रकाश डाला गया इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण सभा के प्रदेश संयोजक रामजी व्यास ने कहा कि परशु प्रतीक है पराक्रम का। राम पर्याय है सत्य सनातन का। इस प्रकार परशुराम का अर्थ हुआ पराक्रम के कारक और सत्य के धारक। शास्त्रोक्त मान्यता तो यह है कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, अत: उनमें आपादमस्तक विष्णु ही प्रतिबिंबित होते हैं, परंतु मेरी मौलिक और विनम्र व्याख्या यह है कि परशु में भगवान शिव समाहित हैं और राम में भगवान विष्णु। इसलिए परशुराम अवतार भले ही विष्णु के हों, किंतु व्यवहार में समन्वित स्वरूप शिव और विष्णु का है। इसलिए मेरे मत में परशुराम दरअसल शिवहरि हैं। वहीं श्री व्यास ने कहा कि युवा को समाज हित में आगे आकर कार्य करना चाहिए जिससे समाज के पिछड़े हुए परिवारों को भी आगे लाया जा सके। तत्पश्चात  सुबह 9 बजे महा आरती के साथ प्रारंभ किया गया। महाआरती और आतिशबाजी के बाद अंत में प्रसादी का वितरण किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाज बन्धु भाग लिया जिनमें पं. महेश शर्मा स्वामी जी, अरूण भार्गव, राजेन्द्र पिपलौदा, प्रमोद भार्गव, डॉ. अर्जुन लाल शर्मा, डॉ. ओपी भार्गव, कैलाश भार्गव, राकेश भार्गव, मनोज भार्गव, गिरजेश भार्गव, पं. भगवत शर्मा, संजय बेचैना, उमेश भारद्वाज, विपिन शुक्ला, हरिशंकर बजरिया, पंद्याश शर्मा, श्रीकृष्ण दुबे, राजकुमार शर्मा पत्रकार, लालू शर्मा पत्रकार, राजेन्द्र शर्मा, संदीप शर्मा नीटू, पंकज भार्गव, पं. रामकुमार भार्गव, राकेश शमा, कपिल भार्गव, अभिषेक भार्गव बेटू, डॉ.अुतल भार्गव, अरविन्द्र भार्गव, हरगोविन्द शर्मा, अजय भार्गव, पंकज शर्मा , अरूण पंडित, अभिषेक शर्मा वट्टे, गौरव चौबे, पंकज महाराज, राजकुमार सड़ैया, विजय शर्मा, अरविन्द सड़ैया, महावीर मुदगल, दिलीप मुदगल, घनश्याम शर्मा, घनश्याम गौड़, संजीव शर्मा, संजू, होटल वरूणइन, गजानदंन शर्मा भूरा, सत्यम नायक आदि लोगों ने कार्यक्रम उपस्थित होने की समाज बन्धु उपस्थित थे।
वहीं मध्यक्षेत्रीय ब्राह्मण महासभा के कार्यालय रामबाग कॉलोनी में भी भगवान परशुराम जी की जयंती मनाई गई इस अवसर पर अध्यक्ष पं. रामकुमार भार्गव ने बताया कि भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि और माता रेणुका ने तो अपने पाँचवें पुत्र का नाम राम ही रखा था, लेकिन तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्रसन्ना करके उनके दिव्य अस्त्र परशु (फरसा या कुठार) प्राप्त करने के कारण वे राम से परशुराम हो गए। इस अवसर पर महेश शर्मा, अनिल भार्गव, ओमप्रकाश शर्मा, दीपक कटारे सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 
सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा मंगलम भवन में रक्तदान कार्यक्रम आयोजित कर भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया गया कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सैकड़ों विप्र बन्धुओं ने रक्तदान किया। इस अवसर पर जिलाध्यसक्ष अजय शर्मा द्वारा भगवान परशुराम जी को अक्षय शक्ति का प्रतीक थे, यानी शस्त्रशक्ति का। पिता जमदग्नि की आज्ञा से अपनी माता रेणुका का उन्होंने वध किया। यह पढ़कर, सुनकर हम अचकचा जाते हैं, अनमने हो जाते हैं, लेकिन इसके मूल में छिपे रहस्य को/सत्य को जानने की कोशिश नहीं करते। इस अवसर पर उमेश शर्मा, ब्रजेश बिरथरे सहित सैकड़ों विप्र बन्धु उपस्थित थे।

मगरौनी में भी मनी भगवान परशुराम जी जयंती

मगरौनी। वंदिल परिवार की बगिया में स्थित भगवान श्री परशुराम के मंदिर पर परशुराम जयंती बड़ी धूमधाम से मनाईर् गई। शिवपुरी जिले के प्रमुख कस्बा मगरौनी में परशुराम मंदिर में सर्व ब्राह्मण सभा के तत्वाधान में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर समस्त विप्र बन्धुओं ने भगवान परशुराम की माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की गई।सर्व ब्राह्मणों ने दैनिक जीवन में शांति, सदभाव तथा क्षमा की भावना हमेशा रखने की समस्त विप्र बन्धुओं से कहा कि देश में सामाजिक समरसता की भावना विकसित करने की आवश्यकता है। समस्त विप्र बन्धुओं ने परशुराम जी के जीवन वृत्त प्रकाश डाला तथा हरिकीर्तन किया। 
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