शिवपुरी। सिंध के पानी और जलावर्धन योजना में भ्रष्टाचार करने वाले आरोपियों के खिलाफ
कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रही पब्लिक पार्लियामेंट ने एक प्रेस बयान में स्पष्ट किया कि उनके द्वारा शुरू किया गया जल सत्याग्रह जनसमस्या के लिए है किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आंदोलन नहीं है। बडी कड़ाई से पब्लिक पार्लियामेंट ने स्पष्ट किया कि उनके आंदोलन के माध्यम से कतिपय लोग अपने व्यक्तिगत या राजनैतिक द्वेष प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पब्लिक पार्लियामेंट का किसी व्यक्ति विशेष का विरोध बिल्कुल नहीं है। यह विरोध है उन जिम्मेदार लोगों के प्रति जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी न समझते हुए अपराध किए। योजना को लंबित किया, जिसके कारण योजना की लागत दुगनी हो गई और यह महत्वाकांक्षी योजना गर्त में ढकेल दी गई। जिसके परिणाम स्वरूप शहर की जनता अपनी मूलभूत आवश्यकता पानी के लिए व्याकुल हो रही है और दोषी लोग मजे कर रहे हैं। पब्लिक पार्लियामेंट की मांग है कि ऐसे भ्रष्ट दोषी लोगों को शीघ्र अतिशीघ्र उचित दण्ड मिले, जिससे भविष्य में कोई विकास की योजनाओं में भ्रष्टाचार न कर सके।
पब्लिक पार्लियामेंट का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने के दौरान संजय आजाद और रानू रघुवंशी 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे। पब्लिक पार्लियामेंट ने आज एक और निर्णय लेकर सौमित्र तिवारी को अधिकृत प्रवक्ता घोषित किया है। उनका धरना तब तक जारी रहेगा जब तक शासन और प्रशासन उनकी मांगे मंजूर नहीं कर लेता। उनका यह धरना किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि शिवपुरी की जनसमस्या के लिए है। धरना स्थल पर बैठे पब्लिक पार्लियामेंट के प्रमोद मिश्रा ने बताया कि सिंध जलावर्धन योजना जो कि दो साल में पूर्ण होनी थी वह दस साल में भी पूर्ण नहीं हो पाई। योजना में गुणवत्ताविहीन कार्य हुआ है तथा घटिया पाइपों के इस्तेमाल से रोजाना पाइप लाइन टूट रही है। जिससे सिंध का पानी घरों में नहीं पहुंच पा रहा है। उनका आरोप है कि सिंध जलावर्धन योजना का अभी तक पूर्ण न होना इस बात का प्रतीक है कि शिवपुरी के खिलाफ सुनियोजित षडय़ंत्र किया जा रहा है और इस षडय़ंत्र का बाई प्रोडक्ट भ्रष्टाचार है। वह चाहते हैं कि शिवपुरी के खिलाफ षडय़ंत्र करने वालों के चेहरे उजागर हों। पब्लिक पार्लियामेंट का धरना बिना माइक के जारी है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने माइक और रैली की अनुमति नहीं दी है, लेकिन उनका आंदोलन सत्याग्रह है और वह जनता की लड़ाई बिना माइक और रैली के लड़ेंगे।
तीन साल पहले भी पब्लिक पार्लियामेंट ने किया था आंदोलन
शिवपुरी की पानी की समस्या को लेकर पब्लिक पार्लियामेंट ने तीन साल पहले भी आंदोलन किया था। उस दौरान लगभग एक माह तक पब्लिक पार्लियामेंट ने माधव चौक पर धरना दिया और उन्हें शिवपुरी के जन-जन का सहयोग मिला जिसके परिणामस्वरूप शासन और प्रशासन झुकने पर मजबूर हुए तथा पब्लिक पार्लियामेंट को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही सिंध जलावर्धन योजना पूर्ण होकर घर-घर तक पानी पहुंचेगा, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो पब्लिक पार्लियामेंट फिर आंदोलन करने के लिए विवश हुई है।
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