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सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी होने के बावजूद भी पुलिस ने लगाया दहेज एक्ट | Bairad News

        सामूहिक विवाह सम्मेलन का प्रमाण पत्र

                    पूर्ब में प्रकाशित खबर
परिजनों ने बताई पीडा कि लडकी का कहीं और चल रहा प्रेम प्रसंग
शादी के तुरंत बाद ही ससुराल से चली गई थी मोनिका
बैराड। सामूहिक विवाह सम्मेलन बैराड में बराबर-बराबर पैसे जमा करवाकर शादी संपन्न होने के बावजूद भी बैराड पुलिस द्वारा एक दंपत्ति परिवार की आपस में न बनने पर दहेज एक्ट का मामला दर्ज किया गया। मामले में शादी के चंद दिनों बाद ही अपने ससुराल जाने वाली मोनिका के परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के तहत दो साल बाद दहेज एक्ट लगाया गया जो पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्र चिन्ह लगाता है। इस पूरे मामले में सबसे खासबात यह है कि पुलिस द्वारा पूर्व में मोनिका एवं उसके परिजनों के व्यान लिए गए थे जिसमें मोनिका ने साफ तौर पर ससुराल में रहने की मना करते हुये एक अन्य अपने भाई के साले के साथ रहकर शादी करने की इच्छा जाहिर की थी जिसे ससुराल पक्ष द्वारा पुलिस के सामने सहमति भी दी गई थी।
बैराड निवासी हरिओम ओझा पुत्र सुरेश ओझा की शादी 18 अप्रैल 2018 को ग्राम चिलमानी जिला श्योपुर में रहने वाले रामनिवास ओझा की पुत्री मोनिका के साथ संपन्न हुई थी। उक्त शादी समाज के ही सामूहिक विवाह सम्मेलन ग्राम बैराड में बराबर पैसे जमा कर की गई थी। समाज के सामने की गई इस शादी में किसी भी तरह का लेनदेन नहीं किया गया था। शादी के बाद से ही मोनिका का अपने पति हरिओम ओझा से कहना था कि वह इस विवाह के लिए राजी नहीं थी और उसके पिता ने जबरदस्ती यह विवाह कराया है वह तो महेन्द्र ओझा पुत्र जगदीश ओझा निवासी देवलपुर जिला शिवपुरी के साथ रहना चाहती है। विवाह के चंद दिनों बाद ही मोनिका ने महेन्द्र को अपने घर बुला लिया। रोक टोक के बावजूद भी उसने साफ तौर पर यह कहा कि वह महेन्द्र के साथ ही जायेगी। इस बात को लेकर उक्त परिवार थाने पर भी गया जहां मोनिका ने महेन्द्र के साथ रहने की बात कही, जिसकी वीडियो परिजनों द्वारा बनाई गई। इसके बाद मोनिका के पिता उसे ग्राम चिरमानी ले गये। तब से वह आज तक हमारे घर वापिस नहीं आई। अपने आवेदन में हरिओम ओझा ने यह भी कहा कि वह पूर्व में दहेज एक्ट लगाने को लेकर उन्हें काफी परेशान करती रही और अब उनके परिजनों द्वारा थाना प्रभारी के साथ सांठगांठ करते हुये उनके ऊपर दहेज एक्ट का मामला दर्ज करा दिया गया।
कुंटुब न्यायालय में भी चल रहा है प्रकरण
पूर्व में मोनिका के परिजनों द्वारा उक्त मामले को लेकर कुंटुब न्यायालय में भी इस बात को स्वीकार्य किया था कि वह शादी के 5-6 दिन बाद ही मायके चली गई थी। उसका कहना था कि वह शादी के बाद शुरू में दो दिन और बाद में केवल एक माह ही ससुराल में रही है इसके बाद से मैं अपने मायके में ही रह रही हूं। हालांकि कुंटुब न्यायालय में दिये गए मोनिका ने इस बात से साफ इंकार किया कि उसका महेन्द्र से कोई चक्कर चल रहा है वह तो ससुराल वालों ने महेन्द्र से झगडा किया था जिसके चलते 4-7-2018 की रात्रि को पुलिस घर पर आई थी और उसी समय में पुलिस के समक्ष लिखा पढी करके अपने पिता और भाई मायके चली गई थी। हालांकि कुंटुब न्यायालय में चल रहे इस प्रकरण में भी मोनिका के परिजनों ने अपने अधिबक्ता के माध्यम से दहेज एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कराने की मांगी की थी।

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